' बस 15 मिनट में आ रहा हूं...', फिर मौत के गड्ढे में मिला 'कमल'; Delhi Bike Accident में लापरवाही की पूरी कहानी
पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही से 25 वर्षीय कमल ध्यानी की 20 फीट गहरे गड्ढे ...और पढ़ें

दिल्ली जब बोर्ड के गड्ढे में गिरकर हुई कमल की मौत।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जलबोर्ड की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया। नोएडा में एक माह पूर्व हुई युवराज की मौत जैसी ही घटना दिल्ली के जनकपुरी में बृहस्पतिवार की रात दोहराई गई। यहां दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए करीब 15 चौड़े और 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से 25 वर्षीय कमल ध्यानी की दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, जनकपुरी के निवासियों को मीठा पानी उपलब्ध कराने की योजना की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई थी। इसके लिए जोगिंदर सिंह मार्ग पर डाबरी की ओर जाने वाली सड़क को बंद किया गया था। सड़क की शुरुआत में बैरिकेड तो थे, लेकिन उनके बीच करीब ढाई फीट का गैप था।
जाम से बचने के लिए बाइक सवार अक्सर इसी संकरे गैप से निकलकर आगे बढ़ते थे। बृहस्पतिवार को जल बोर्ड ने ठीक उसी कट से पहले एक बड़ा गड्ढा खोद दिया था, जिसकी जानकारी कमल को नहीं थी।

अंधेरा और गड्डे से पहले कोई रिफ्लेक्टर नहीं होने के कारण कमल गड्ढे के मुहाने तक पहुंच गया और सड़क किनारे बची मात्र ढाई फीट की जगह, जिस पर गीली मिट्टी फैली थी, वहां से गुजरते समय फिसलकर सीधे 20 फीट गहरे गड्ढे में समा गया।
रोहिणी स्थित एचडीएफसी बैंक के काॅल सेंटर में कार्यरत कमल ने रात 11:53 बजे अपने भाई को फोन कर कहा कि वह जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट के पास है वहां से 15 मिनट में पहुंचने की बात कही थी। जब वह नहीं पहुंचा, तो सात दोस्त और स्वजन ने पहले उसे काल किया, पर करीब एक घंटे तक फोन नहीं उठाने पर परिवार और उसके दोस्त उसकी तलाश में निकल गए।

रोहिणी-पालम मार्ग पर कमल को खोजते रहे स्वजन
स्वजन ने बताया कि पहले कमल के ऑफिस गए उन्हें लगा कि कहीं वह वापस तो नहीं चला गया। वहां कुछ जानकारी नहीं मिलने पर वे विकासपुरी थाने पहुंचे, पर वहां उनकी शिकायत दर्ज कर आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया। फिर वे उसके आने जाने की रूट पर पड़ने वाले अस्पतालों में पहुंचे कि कोई हादसा हुआ हो।

रास्ते में आने वाले हर थाने में गए। इसके बाद वे करीब जनकपुरी थाने में पहुंचे, जहां पुलिसकर्मियों ने कमल के मोबाइल का लोकेशन निकाला जो, घटना स्थल से 200 मीटर पर स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क का था।
रात 1 बजे उसी गड्ढे के पास भी वे लोग वहां पहुंचे थे, लेकिन घटनास्थल पर इतना अंधेरा था कि उन्हें कुछ भी नजर नहीं आया। सुबह जब लोगों ने देखा, तो वह गड्ढे में अपनी बाइक के नीचे दबा हुआ था। एक बहादुर स्थानीय शख्स ने गड्ढे के पास पड़े पानी के पाइप के सहारे नीचे उतरकर कमल के उपर से बाइक को हटाया।
डीसीपी ने कहा सूचना मिलते ही टीम ने शुरू की तलाश
डीसीपी डी शरद भास्कर ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात जनकपुरी थाने को कमल के गायब होने की सूचना मिली थी सूचना मिलते ही ड्यूटि पर तैनात हेड काॅन्स्टेबल ने तत्काल कमल के फोन का लोकेशन निकाला, जो डिस्ट्रिक्ट पार्क था।
टीम ने करीब दो घंटे तक लोकेशन के आधार पर तलाश की थी, पर वह नहीं मिले। पुलिस को शुक्रवार सुबह करीब 8:03 बजे एक महिला द्वारा कॉल पर जनकपुरी के बी-3बी, आंध्र स्कूल के पास गड्डे में युवक गिरे होने की सूचना मिली था।
मौके पर पहुंची टीम को अचेत अवस्था में मिला, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की सहायता से कमल को बाहर निकाला और डीडीयू अस्पताल ले गए जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आनन फानन में गैप को हरे कवर से ढका गया
इधर सुबह घटना की सूचना मिलते ही मचे हंगामा के बाद दिल्ली जलबोर्ड की नींद खुली और बोर्ड ने आनन फानन में उस गैप को हरे रंग ते कवर से ढक दिया। जबकि विभाग को यह कार्य पहले ही करनी चाहिए थी।
यहां तक कि किसी भी प्रकार के नए कार्य की शुरूआत करने पर उसके आस पास भी रिफ्लेक्टर और बैरिकेट लगाकर यह व्यवस्था करनी होती है, कि कोई जाने अंजाने वहां न पहुंच जाए।

तीन इंजीनियरों पर गिरी गाज
हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने घोर लापरवाही के आरोप में तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने इस कार्य के लिए जिम्मेदार जूनियर इंजीनियर आलोक कुमार जो अनुबंध पर कार्यरत थे की सेवा को तत्काल समाप्त कर दिया है।
वहीं असिस्टेंट इंजीनियर वंदना और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एएस ग्रेवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन भी किया गया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, इलाके में भारी रोष
मृतक कमल ध्यानी के परिवार में उनके पिता नरेश चंद ध्यान,मां, बड़ा भाई करण और जुड़वा भाई मयंक है। पिता मंदिर में पुजारी है और मूल रूप से उत्तराखंड के गढवाल के निवासी है।
कमल के भाई करन ने इस मौत के लिए सीधे तौर पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का कहना है कि न वहां बैरिकेडिंग थी, न लाइट और न ही कोई चेतावनी बोर्ड।
मौके पर पहुंचे जल मंत्री प्रवेश वर्मा का विरोध
घटना की सूचना के बाद मौके पर दिल्ली सरकार के जल मंत्री प्रवेश वर्मा और गृह मंत्री आशीष सूद भी पहुंचे और उपस्थित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान आप और कांग्रेस के भी कुछ कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारे बाजी करने लगे।

इस दौरान भाजपा के भी कार्यकर्ता मौके पर पहुंच आप सरकार और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। धीरे धीरे नारे बाजीकरते हुए दोनों ही पक्ष आमने सामने आ गए और स्थिति धक्का मुक्की तक पहुंच गई। मौके पर उपस्थित पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव करते हुए दोनों पक्ष को वहां से हटा दिया।
