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क्या युवराज के बाद लापरवाही की भेंट चढ़ा दिल्ली का कमल? दोस्त के बयान से आया नया मोड़

Published: Fri, 06 Feb 2026 01:37 PM (IST)

दिल्ली के जनकपुरी में जल बोर्ड की लापरवाही के कारण एक बाइक सवार कमल की गड्ढे में गिरकर मौत हो ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से हुई इंजीनियर युवराज मेहता की मौत को अभी कोई भूल भी नहीं पाया कि अब राजधानी दिल्ली में दिल दहला देने वाली घटना ने हर किसी को हिला कर रख दिया है।

दिल्ली के जनकपुरी में जल बोर्ड की लापरवाही से एक बाइक सवार की गड्ढे में गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद घटनास्थल पर पुलिस तैनात कर दी गई है और गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई। लेकिन मृतक के दोस्त ने सवाल उठाया कि इसे पहले क्यों नहीं कर सकते थे? मेरे दोस्त को बचाया जा सकता था...'

नोएडा की घटना से क्यों नहीं लिया सबक?

नोएडा के सेक्टर-150 में स्थित बेसमेंट के गड्ढे में भरे पानी में डूबकर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया था, लेकिन इसके बावजूद भी दिल्ली का जल बोर्ड गहरी नींद ने नहीं जागा।

दिल्ली के जल बोर्ड ने जनकपुरी में एक गड्ढा खोदा और उसे ऐसे ही छोड़ दिया। अब इसी लापरवाही ने एक घर का जवान बेटा छीन लिया है। सवाल है कि आखिर समय रहते अफसरों की नींद क्यों नहीं खुलती है?

रातभर तलाशते रहे परिजन, सोते रहे अफसर

जानकारी के अनुसार, कमल चंदानी नाम का युवक गुरुवार देर रात रोहिणी स्थित अपने दफ्तर से घर लौट रहा था। वह रात में लगातार अपने परिजनों के संपर्क में था लेकिन, अचानक से उससे संपर्क टूट गया। इसके बाद वह काफी रात तक भी अपने घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने रातभर उसकी काफी तलाश की लेकिन, कोई सुराग नहीं लगा।

पुलिस पर गंभीर आरोप

मृतक के दोस्त के अनुसार, कमल को काफी तलाशने के बाद भी कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजन पुलिस स्टेशन गए। उन्होंने पुलिस से शिकायत दर्ज करने के लिए कहा, लेकिन पुलिस ने सुबह 11 बजे शिकायत दर्ज करने की बात कही।

मृतक के दोस्त के अनुसार, पुलिस ने मेरे दोस्त की लोकेशन ढूंढने में हमारी मदद की और हमें यहां 200 मीटर के दायरे में उसे ढूंढने को कहा। इस दौरान परिजन व अन्य समेत सात लोग आधी रात से सुबह 7 बजे तक उसे ढूंढ रहे थे, लेकिन वह हमें नहीं मिला।

बताया कि रात एक बजे, जब हमने गड्ढे को चेक किया, तो वह वहां नहीं था। हम हर समय इसी सड़क पर थे, लेकिन हमें समझ नहीं आ रहा कि चेक करने के बाद वह यहां कैसे आ गया। जब हम सुबह सात बजे घर वापस गए, तो हमारे दोस्त के फोन से कॉल आया, और पुलिस ने हमें बताया कि वह यहां गड्ढे में है। रात में पुलिस उसका फोन क्यों नहीं ढूंढ पाई? हमें शक है कि उसे मार दिया गया है। उसके साथ क्या हुआ होगा?

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दोस्त के अनुसार, अभी मृतक की मां को घटना के बारे में नहीं बताया गया है। बताया कि वह 25 साल का था और रोहिणी सेक्टर-10 में एचडीएफसी बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था। घटनास्थल के पास बैरिकेड लगा दिए गए हैं और पुलिस भी तैनात कर दी गई है। लेकिन दोस्त का कहना कि यह पहले क्यों नहीं कर सकते थे? मेरे दोस्त को बचाया जा सकता था?

दिल्ली सरकार में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने इस घटना को लेकर कहा कि जनकपुरी लाइन रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट साइट पर हुए दुखद हादसे को गंभीरता से लिया गया है। दिल्ली जल बोर्ड ने घटना की ट्रांसपेरेंट जांच पक्का करने के लिए एक हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई है।

साहिब ने कहा, कमेटी को निर्देश दिया गया है कि हादसे वाली जगह का तुरंत इंस्पेक्शन करें। साथ ही सेफ्टी इंतजाम, बैरिकेडिंग, साइनेज और ट्रैफिक मैनेजमेंट का रिव्यू करें।

उधर, दिल्ली सरकार के आदेश पर पर दिल्ली जल बोर्ड के तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है।