जामिया मिल्लिया की दीवारों पर 'फ्री कश्मीर' और 'फ्री शरजील' के नारों से तनाव, यूनिवर्सिटी ने शुरू की सफाई
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच परिसर की दीवारों पर 'फ्री कश्मीर' जैसे विवादित नारे लिखे गए हैं।

जामियान की दीवारों पर लिखे गए विवादित नारे। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच परिसर की दीवारों पर विवादित नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है।
दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’, ‘फ्री शरजील इमाम’, ‘फ्री फिलिस्तीन’, ‘वीसी गो बैक’ और सेना से जुड़े नारे लिखे पाए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीवारों से नारों को हटाने के लिए सफाई शुरू करा दी है।
इधर, छात्रों ने इसे उनके आंदोलन को बदनाम करने की साजिश बताया है। प्रशासन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के वायर टूटने के मामले की भी जांच कर रहा है।
वहीं शुक्रवार रात गेट नंबर-7 के पास से धरनारत छात्रों को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

दीवारों पर लिखे नारों की सफाई शुरू
जामिया के एक अधिकारी ने कहा कि दीवारों पर इस तरह के नारे लिखने की निंदा की जाती है। यह यूनिवर्सिटी की संस्कृति के खिलाफ है। प्रशासन के कर्मचारी केमिकल की मदद से दीवारों पर लिखे नारों को साफ कर रहे हैं।
जिन जगहों पर नारे लिखे गए हैं, वहां सीसीटीवी कैमरों के वायर भी टूटे मिले हैं। प्रशासन नारे लिखने वालों की पहचान करने में जुटा है। पहचान होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि छात्रसंघ बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर 12 अक्टूबर से गेट नंबर सात के पास गुलिस्तान-ए-गालिब लान में छात्रों की भूख हड़ताल चल रही है। इस दौरान 17 अक्टूबर को स्टूडेंट्स को हटाने के मामले में परिसर में काफी विवाद हुआ था।
इसके बाद अलग-अलग छात्रसंघ और सांसदों ने भी उनकी मांगों का समर्थन किया। इसी क्रम में रात साढ़े आठ बजे सांसद इमरान मसूद भी छात्रों के बीच पहुंचे और समर्थन दिया।
रात लगभग नौ बजे जैसे ही इमरान मसूद गेट नंबर सात से बाहर निकले, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और सरिता विहार थाने ले गई।
समिति ने दोबारा छात्रों से शुरू की बातचीत
प्रशासन ने छात्रसंघ का संविधान तैयार करने के लिए समिति गठित की है, पर धरनारत छात्र चुनाव का शेड्यूल जारी करने की मांग पर अड़े हैं। देर शाम को स्टूडेंट्स की मांगों पर विचार करने के लिए गठित समिति ने दोबारा बातचीत की प्रक्रिया शुरू की।
वहीं, भूख हड़ताल पर बैठे जासिम अली, एबिन, रिहान हैदर और रिहान पंवार के स्वास्थ्य की रोजाना डाक्टरों से जांच कराई जा रही है।
छात्रों ने साजिश बताकर की निंदा
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र रिहान हैदर ने कहा कि असामाजिक तत्वों ने दीवारों पर विवादित नारे लिखे हैं। उन्होंने इसे प्रोटेस्ट को बदनाम करने की साजिश बताते हुए इसकी निंदा की।
वहीं जामिया के गेट नंबर 10 पर इब्न सीना लाइब्रेरी के सामने दीवार बनाने को लेकर भी विवाद सामने आया है। एनएसयूआई की जामिया इकाई ने आरोप लगाया कि दीवार बनाकर स्टूडेंट्स की गेट तक पहुंच रोकने की कोशिश की जा रही है।
