जामिया में बवाल: इमरान मसूद-प्रतापगढ़ी पर FIR की तैयारी, कांग्रेस सांसदों की एंट्री पर सवाल; गृह मंत्रालय पहुंची रिपोर्ट
जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों को भड़काने और जबरन घुसने के आरोप में कांग्रेस सांसदों इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी ...और पढ़ें

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने बताया कि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फाइल फोटो
HighLights
कांग्रेस सांसदों पर जामिया में जबरन घुसने, भड़काने का आरोप।
इमरान मसूद, प्रतापगढ़ी के खिलाफ एफआईआर की तैयारी।
गृह मंत्रालय ने घटना का संज्ञान लिया, कानूनी कार्रवाई के निर्देश।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया में जबरन घुसकर धरना दे रहे छात्रों को भड़काने के मामले में कांग्रेस के सांसदों का नाम सामने आ रहा है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने बताया कि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं, इस पूरे मामले की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भी भेजी गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जामिया परिसर में कांग्रेस सांसदों के जबरन घुसने और छात्रों को भड़काने की घटना का संज्ञान लिया है।
सीढ़ी लगाकर अंदर घुसे इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी ने गेट तोड़ा
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद शुक्रवार को बाउंड्री से सीढ़ी लगाकर जामिया में घुसे। वहीं, सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ऑटो से पहुंचे और समर्थकों के साथ पीछे का गेट तोड़कर धरनास्थल पहुंचे। दोनों कांग्रेस सांसद जबरन जामिया में घुसे और धरनारत छात्रों को भड़काकर माहौल खराब करने करने की कोशिश की। इसकी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भी भेजी गई है।
फोटो और वीडियो देंगे गवाही
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जामिया परिसर में कांग्रेस सांसदों के जबरन घुसने और छात्रों को भड़काने की घटना का संज्ञान लिया है। साथ ही विश्वविद्यालय को जरूरी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के पास साक्ष्य के तौर पर फोटो और वीडियो हैं, जिनके आधार पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जामिया में क्यों हो रहा था प्रदर्शन?
बता दें कि जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव कराने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के खिलाफ जारी छात्रों का विरोध-प्रदर्शन और भूख हड़ताल विश्वविद्यालय प्रशासन के आश्वासन के बाद शनिवार को समाप्त हो गया। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से सीधे बातचीत कर उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया।
'ड्राफ्ट कमेटी' गठित
रजिस्ट्रार प्रो. रिजवी ने बताया कि उन्होंने स्वयं भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। छात्र संघ चुनाव (जेयूएमएसयू) कराने की मांग पर उन्होंने छात्रों को जानकारी दी कि प्रशासन ने इसके लिए पहले ही एक 'ड्राफ्ट कमेटी' गठित कर दी है, जिसका कार्य संविधान का मसौदा तैयार करना है।
जल्द चुनाव कराने के वादे पर हुए शांत
समय-सीमा (डेडलाइन) से जुड़े सवाल पर रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि ड्राफ्ट कमेटी में छात्रों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे जितनी जल्दी संविधान का मसौदा तैयार करके सौंपेंगे, विश्वविद्यालय प्रशासन उतनी ही जल्दी चुनाव की तारीखों की घोषणा कर देगा। इस प्रस्ताव पर प्रदर्शनकारी छात्र सहमत हो गए।
निर्दोष छात्रों किए जाएंगे बहाल
वहीं, अनुशासनात्मक कार्रवाई झेल रहे छात्रों के मुद्दे पर प्रो. रिजवी ने भरोसा दिलाया कि इन मामलों की समीक्षा की जाएगी। केस को अनुशासनात्मक समिति के समक्ष रखा जाएगा और जांच में जो छात्र निर्दोष पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत बहाल कर दिया जाएगा।
'फ्री कश्मीर' नारे पर कड़ा रुख
बातचीत के दौरान रजिस्ट्रार ने परिसर के माहौल को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की और कुछ बाहरी तत्वों के प्रवेश की निंदा की। विश्वविद्यालय की दीवार पर शुक्रवार को लिखे गए 'फ्री कश्मीर' के नारे पर रजिस्ट्रार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता है और ऐसे किसी भी असामाजिक कृत्य का समर्थन नहीं करता।
बाहरी नेताओं का अवैध प्रवेश
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद दीवार तोड़कर और इमरान प्रतापगढ़ी गेट का ताला तोड़कर बिना अनुमति विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल हुए। इसके अलावा AIMIM से जुड़े कुछ लोग और अन्य गैर-छात्र भी पिछले गेट से अंदर घुस आए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना अनुमति परिसर में जबरन घुसने वाले बाहरी लोगों और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
