इंडिगो बनी VPT अपनाने वाली दुनिया की पहली एयरलाइन, पायलटों की ट्रेनिंग में आएगा बड़ा बदलाव
भारतीय विमानन क्षेत्र में विमानों की बढ़ती संख्या के बीच इंडिगों ने अपने पायलटों को खास ट्रेनिंग देने का फैसला ...और पढ़ें

पायलटों को वीपीटी ट्रेनिंग देगी इंडिगो। फोटो-दैनिक जागरण
HighLights
इंडिगो ने पायलट प्रशिक्षण में डिजिटल तकनीक अपनाई।
एयरबस वीपीटी से आपातकालीन स्थितियों का अभ्यास होगा।
यह तकनीक सिम्युलेटर प्रशिक्षण का पूरक है।
गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। भारतीय विमानन क्षेत्र में तेजी से बढ़ते विमानों के बेड़े और हवाई यात्रियों की संख्या के बीच अब पायलटों के प्रशिक्षण का तरीका भी बदलने जा रहा है।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने पायलटों को असामान्य और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास कराने के लिए डिजिटल तकनीक अपनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
इंडिगो ने अपनाया वीपीटी
एयरलाइन ने एयरबस के डिजिटल प्लेटफार्म स्काइवाइज के साथ ए320 वर्चुअल प्रॉसीजर ट्रेनर (वीपीटी) को लेकर समझौता किया है। कंपनी के मुताबिक, इसके साथ ही इंडिगो दुनिया की पहली एयरलाइन बन गई है, जिसने वीपीटी के असामान्य और आपातकालीन प्रक्रियाओं वाले पैकेज को अपनाया है।
दरअसल, भारतीय विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा अब केवल विमानों की संख्या, टिकटों की कीमत और नए उड़ान मार्गों तक सीमित नहीं रह गई है। परिचालन क्षमता, पायलटों की उपलब्धता और सुरक्षा प्रशिक्षण भी एयरलाइनों की रणनीति का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं।
सैकड़ों नए विमानों का दिया गया ऑर्डर
भारतीय एयरलाइनों ने सैकड़ों नए विमानों के आर्डर दिए हैं। इनके बेड़े में शामिल होने के साथ बड़ी संख्या में प्रशिक्षित पायलटों की जरूरत होगी। ऐसे में प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना बड़ी चुनौती है।
क्या करेगी वीपीटी?
वीपीटी इसी चुनौती से निपटने में मददगार हो सकता है। इसके माध्यम से पायलट वर्चुअल कॉकपिट में विमान के विभिन्न कंट्रोल, स्विच और प्रक्रियाओं का अभ्यास कर सकेंगे। खासतौर पर तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं को बार-बार दोहराने का अवसर मिलेगा।
इससे वास्तविक फ्लाइट सिम्युलेटर में प्रशिक्षण के समय का अधिक प्रभावी इस्तेमाल संभव हो सकेगा। हालांकि, यह तकनीक अनिवार्य सिम्युलेटर प्रशिक्षण का विकल्प नहीं, बल्कि उसका पूरक है।
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इंडिगो की यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसका बड़ा विमान बेड़ा एयरबस ए320 परिवार पर आधारित है। कंपनी पहले से ही एयरबस की डिजिटल पायलट प्रशिक्षण प्रणाली मैट सूट का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी के अनुसार, करीब 6,300 फ्लाइट क्रू सदस्य इससे जुड़े हैं।
ट्रेनिंग के मोर्चे पर एअर इंडिया और अकासा की भी तैयारी
पायलट प्रशिक्षण के क्षेत्र में एअर इंडिया और अकासा एयर भी बड़े निवेश कर रही हैं। एअर इंडिया ने एयरबस के साथ साझेदारी में गुरुग्राम में अत्याधुनिक पायलट प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया है। यहां ए320 और ए350 विमानों के लिए कुल 10 फुल फ्लाइट सिम्युलेटर लगाए जाने हैं।
फिलहाल दो ए320 सिम्युलेटर चालू हैं। इस केंद्र के माध्यम से अगले दशक में 5,000 से अधिक पायलटों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। वहीं, अकासा एयर ने बोइंग 737 मैक्स विमानों के पायलटों के प्रशिक्षण के लिए कनाडा की कंपनी सीएई के साथ 15 साल का समझौता किया है। इसके तहत अकासा के पायलट भारत स्थित सीएई केंद्रों में आधुनिक फुल फ्लाइट सिम्युलेटर के जरिये प्रशिक्षण लेंगे।
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