दिल्ली के ILBS में बनेगा भारत-फ्रांस का साझा रिसर्च सेंटर, लिवर और मेटाबोलिक बीमारियों पर होगा शोध
भारत और फ्रांस के बीच यकृत और मेटाबोलिक बीमारियों पर शोध सहयोग अब नए चरण में प्रवेश कर रहा है। ...और पढ़ें

आईएलबीएस में बनेगा भारत-फ्रांस का साझा शोध केंद्र।
HighLights
आईएलबीएस में भारत-फ्रांस का साझा शोध केंद्र स्थापित होगा।
यकृत और मेटाबोलिक बीमारियों पर शोध सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक ज्ञान और तकनीक साझा होगी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भारत और फ्रांस के बीच यकृत और मेटाबोलिक बीमारियों पर चल रहा शोध सहयोग अब नए चरण में पहुंचने की तैयारी में है। इंडो-फ्रेंच लिवर एंड मेटाबोलिक डिजीज नेटवर्क (इनफ्लाइमेन) को वर्चुअल नेटवर्क से आगे बढ़ाकर आइएलबीएस में एक साझा शोध केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
फ्रांस के उच्च शिक्षा, शोध एवं अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट ने सोमवार को आइएलबीएस का दौरा किया और प्रबंधन के साथ बैठक कर इस सहयोग को आगे बढ़ाने का समर्थन किया।
साझा जानकारी के अवसर बढ़ेंगे
आईएलबीएस के निदेशक डॉ. एसके सरीन ने उन्हें इनफ्लाइमेन की अब तक की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित केंद्र में भारत और फ्रांस के वैज्ञानिक, शिक्षक और विद्यार्थी एक साथ शोध कर सकेंगे। इससे दोनों देशों के बीच शोध और नई तकनीक से जुड़ी जानकारी साझा करने के अवसर बढ़ेंगे।

बैठक में विद्यार्थियों और शिक्षकों के आदान-प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण और शोध के अवसर बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इससे युवा शोधकर्ताओं को दोनों देशों के संस्थानों में काम करने और नई शोध पद्धतियां सीखने का अवसर मिलेगा।
कैंसर और सूजन पर कर सकेंगे साझा शोध
आइएलबीएस की ओर से सोमवार रात दी गई जानकारी के अनुसार, डा. सरीन ने नेटवर्क का दायरा नैनोटेक्नोलाजी और मटीरियल साइंस तक बढ़ाने की संभावना भी बताई। इससे कैंसर और सूजन जैसी बीमारियों पर दोनों देशों के विशेषज्ञ मिलकर शोध कर सकेंगे।

फ्रांस के उच्च शिक्षा, शोध एवं अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट ने आइएलबीएस की प्रयोगशालाओं का भी दौरा किया। इस दौरान उच्च शिक्षा, शोध, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
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