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IIT दिल्ली के हॉस्टलों में कड़ा हुआ पहरा, 2.94 करोड़ से लगेंगे नाइट विजन वाले CCTV; अब 24 घंटे रहेगी नजर

Published: Wed, 07 Oct 2026 05:33 PM (GMT+05:30)

आइआइटी दिल्ली अपने 11 हास्टलों की सुरक्षा व्यवस्था को 2.94 करोड़ रुपये के बजट से अपग्रेड कर रहा है। इसमें ...और पढ़ें

IIT Delhi की सुरक्षा बेहतर की जा रही है। फोटो: आकाईव

IIT Delhi की सुरक्षा बेहतर की जा रही है। फोटो: आकाईव

HighLights

  1. 11 हास्टलों में 2.94 करोड़ रुपये से सुरक्षा अपग्रेड होगी

  2. इन्फ्रारेड और पीटीजेड कैमरे रात में भी निगरानी करेंगे

  3. खराब कैमरों की मरम्मत के लिए सख्त समय-सीमा तय

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। IIT दिल्ली के हॉस्टलों में सुरक्षा व्यवस्था अब सिर्फ गार्डों के भरोसे नहीं रहेगी। संस्थान ने हॉस्टल परिसरों के हर महत्वपूर्ण हिस्से को कैमरों की निगरानी में लाने की तैयारी शुरू कर दी है।

11 हॉस्टलों में 224 सीसीटीवी कैमरों के मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए IIT दिल्ली ने 2.94 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट रखा है। खास बात यह है कि नई व्यवस्था में रात और कम रोशनी में भी निगरानी संभव होगी।

संस्थान की योजना में इन्फ्रारेड तकनीक वाले बुलेट और डोम कैमरे शामिल हैं। खुले और बाहरी हिस्सों में बुलेट कैमरे, जबकि हॉस्टल की इमारतों के अंदर डोम कैमरे लगाए जाएंगे।

जरूरत के मुताबिक दिशा बदलकर निगरानी करने के लिए पीटीजेड कैमरा भी लगाया जाएगा। कैमरों को वीडियो मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़कर वेब के माध्यम से लाइव निगरानी और रिकाॅर्डिंग की सुविधा मिलेगी।

खराबी आई तो 24 घंटे में एक्शन

नई व्यवस्था में केवल कैमरे लगाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि इनके लगातार काम करने की जिम्मेदारी भी तय की गई है। एजेंसी को 24 घंटे तकनीकी सहायता देनी होगी।

शिकायत की 30 मिनट में पुष्टि, एक घंटे में तकनीकी प्रतिक्रिया और अधिकतम 12 घंटे में साइट विजिट अनिवार्य होगी। गंभीर खराबी में दो घंटे के भीतर प्रतिक्रिया और जरूरत पड़ने पर 48 घंटे में अस्थायी व्यवस्था करनी होगी।

इन हॉस्टलों पर रहेगा फोकस

विंध्याचल, जांस्कर, कुमाऊं, ज्वालामुखी, शिवालिक, सतपुड़ा, उदयगिरि, गिरनार, हिमाद्रि, कैलाश-1 एवं 2 और काराकोरम हॉस्टल में कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा नालंदा हॉस्टल में नया सुरक्षा केबिन और स्टेनलेस स्टील गेट लगाने की तैयारी है।

सुरक्षा के साथ शोध क्षमता बढ़ाने के लिए संस्थान बीएसआई सीएमओएस हाई-स्पीड कैमरा भी खरीदेगा, जो बेहद तेज गति वाली घटनाओं को हजारों फ्रेम प्रति सेकंड की दर से रिकाॅर्ड कर सकेगा।

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