अब कोहरे में नहीं रुकेंगी उड़ानें, दिल्ली एयरपोर्ट का तीसरा रनवे चालू; टैक्सी और होल्डिंग टाइम घटेगा
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तीसरा रनवे (11आर/29एल) सात महीने के पुनर्निर्माण के बाद फिर से चालू हो गया है, ...और पढ़ें

दिल्ली एयरपोर्ट पर अब चार रनवे से संचालित होंगी उड़ानें। फोटो: आर्काइव
HighLights
तीसरा रनवे (11आर/29एल) सात महीने बाद फिर से चालू हुआ
आइजीआइ के सभी चार रनवे अब एक साथ पूरी क्षमता से कर्यरत
सर्दियों के घने कोहरे में उड़ानों की देरी व डायवर्जन घटेगा
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। देश के सबसे व्यस्त इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्रा को सुगम और समयबद्ध बनाने के लिए रविवार से पुनर्विकसित और उन्नत तीसरा रनवे (11आर/29एल) औपचारिक रूप से परिचालन में वापस आ गया है।
लगभग सात महीनों के व्यापक पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के बाद डीजीसीए और एएआइ की मंजूरी मिलते ही इसे चालू कर दिया गया है। इस रनवे के खुलने के साथ ही अब IGI एयरपोर्ट के सभी चार रनवे (11एल/29आर, 11आर/29एल, 09/27 और 10/28) एक साथ पूरी क्षमता से कार्यरत हो गए हैं।
इस अपग्रेडेशन के तहत रनवे की सरफेसिंग मजबूत करने के साथ-साथ विमानों की तेजी से निकासी के लिए नया रैपिड एग्जिट टैक्सीवे तैयार किया गया है और अत्याधुनिक एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग व नेविगेशन सिस्टम स्थापित किया गया है।
घने कोहरे से होगा दो-दो हाथ
चारों रनवे के एक साथ चालू होने से आगामी सर्दियों के मौसम में दिल्ली-एनसीआर में पड़ने वाले घने कोहरे के दौरान यात्रियों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। कैट-III इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम से लैस होने के कारण ये रनवे शून्य व बेहद कम दृश्यता में भी सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ कराने में सक्षम हैं।
कम दृश्यता के समय जब उड़ानों के बीच सुरक्षा दूरी बढ़ानी पड़ती है, तब चार रनवे मिलने से एयर ट्रैफिक कंट्रोल को लैंडिंग और टेक-आफ अलग-अलग रनवे पर शिफ्ट करने का विकल्प मिलेगा, जिससे हवा में विमानों का होल्डिंग टाइम और जमीन पर टैक्सी टाइम काफी घटेगा।
इससे न केवल फ्लाइट डायवर्जन और उड़ानों की देरी की समस्या पर लगाम लगेगी, बल्कि विमानों के ईंधन की बचत होगी और यात्रियों का समय भी बचेगा।
यह भी पढ़ें- 'मैं वही हूं, बस नाम में फर्क है', दिल्ली में SIR कैंपों में भटक रहे वोटर; खुद को साबित करने की बड़ी चुनौती
