'मैं वही हूं, बस नाम में फर्क है', दिल्ली में SIR कैंपों में भटक रहे वोटर; खुद को साबित करने की बड़ी चुनौती
दिल्ली में विशेष एसआईआर कैंपों में मतदाता सूची में नाम, वर्तनी और बूथ संबंधी गड़बड़ियों के कारण मतदाताओं को अपनी ...और पढ़ें

लक्ष्मी देवी स्कूल में लगे शिविर में एसआईआर के लिए नोटिस मिलने के बाद बीएलओ के पास दस्तावेज लेकर पहुंचे लोग। हरीश कुमार
HighLights
मतदाता सूची में नाम की गड़बड़ियों से पहचान साबित करना मुश्किल
दिल्ली के एसआईआर कैंपों में मतदाताओं को भारी चुनौतियों का सामना
नाम, वर्तनी, बूथ बदलाव के कारण अतिरिक्त दस्तावेज जुटाने पड़े
शशि ठाकुर, नई दिल्ली। मैं वही हूं... बस नाम में फर्क है। सदर बाजार के एक पोलिंग स्टेशन पर दस्तावेजों की फाइल हाथ में लिए एक वोटर बीएलओ को यही समझाने की कोशिश कर रहा था।
कुछ किलोमीटर दूर तुर्कमान गेट में कोई शादी के बाद बदले नाम को साबित करने के लिए कागज जुटा रहा था, तो पहाड़गंज में किसी के लिए नाम की स्पेलिंग और बदला हुआ बूथ परेशानी का कारण बना हुआ था।
रविवार को SIR के विशेष कैंप में मतदाता सूची की छोटी-छोटी गड़बड़ियां लोगों के लिए बड़ी चिंता बनी नजर आई। ऊपर से कई जगह सर्वर डाउन रहा, जिससे सुधार कराने पहुंचे लोगों का इंतजार और बढ़ गया।
दिल्ली के पोलिंग स्टेशनों पर रविवार को SIR को लेकर विशेष कैंप लगाए गए थे। मतदाताओं को उम्मीद थी कि नोटिस और मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान हो जाएगा, लेकिन नाम में मामूली अंतर भी कई लोगों के लिए दस्तावेज जुटाने और खुद को सही साबित करने की बड़ी चुनौती बना हुआ है।
मोहम्मद अली से शराफत अली तक उलझा रिकॉर्ड
तुर्कमान गेट के बुलबुल खाना पोलिंग स्टेशन पर सुईवालान से पहुंचे एक वोटर का पहले नाम मोहम्मद अली दर्ज था। अब रिकॉर्ड में शराफत अली नाम सामने आया। इसी अंतर पर नोटिस जारी हुआ।
वह दस्तावेज की फाइल लेकर पहुंचे थे, ताकि स्पष्ट कर सकें कि दोनों नाम उन्हीं के हैं। उनके लिए चिंता यह थी कि रिकॉर्ड की यह गलती कहीं आगे बड़ी परेशानी न बन जाए।
शादी के बाद बदला नाम, फिर भी नोटिस
इसी केंद्र पर नासरीन तकी के परिवार की अलग उलझन थी। शादी से पहले उनका नाम नासरीन खानम था और शादी के बाद नासरीन तकी हो गया। पिछली SIR में मैपिंग होने के बावजूद नाम में बदलाव को लेकर नोटिस आया।
उनका बेटा, मां के पुराने और नए नाम से जुड़े दस्तावेज लेकर शिविर में पहुंचा। वह बताते हैं कि सामान्य वैवाहिक नाम बदलाव को साबित करने के लिए अब अतिरिक्त कागज कहां से लाए।
वहीं, बीएलओ जौहर सुल्ताना ने बताया कि कई परिवारों में छह से अधिक भाई-बहनों के मामलों में उम्र के कम अंतर को लेकर भी नोटिस आए हैं।
कई लोगों को नोटिस की जानकारी नहीं थी। बूथ बदलने के कारण भी लोग पुराने पोलिंग स्टेशन पहुंच रहे हैं। नेटवर्क की समस्या के चलते काम प्रभावित होने की बात भी सामने आई।
पहाड़गंज में 168 नोटिस
मुल्तानी ढांडा पोलिंग स्टेशन पर 168 लोगों को नाम की स्पेंलिग में गलती और उम्र में अंतर को लेकर नोटिस जारी हुए थे। बीएलओ पूनम के मुताबिक दोपहर दो बजे तक करीब 45- 50 लोग पहुंच चुके थे। अधिकतर मामले नाम सुधार से जुड़े थे।
राजेश वाधवा ने बताया कि उनके नाम की स्पेलिंग गलत थी और बूथ भी बदल गया है, इसलिए वह दस्तावेज और जानकारी लेने पहुंचे।
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