दिल्ली SIR पर EC की सफाई: नोटिस का मतलब वोटर लिस्ट से बाहर होना नहीं
चुनाव आयोग ने दिल्ली में प्रमुख हस्तियों को भेजे गए मतदाता सूची नोटिसों पर स्पष्टीकरण दिया है। आयोग ने कहा ...और पढ़ें

दिल्ली SIR पर EC की सफाई। फाइल फोटो
HighLights
नोटिस केवल दस्तावेजों में मौजूद कमियों को ठीक करने हेतु।
प्रमुख हस्तियों को मिले नोटिस पर चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण।
4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बीच प्रमुख हस्तियों को नोटिस मिलने से मचे बवाल पर चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।
निर्वाचन आयोग और दिल्ली के चुनाव निकाय ने यह स्पष्ट किया है कि प्रणाली द्वारा भेजे जा रहे नोटिस केवल दस्तावेजों में मौजूद कमियों को ठीक करने की एक प्रशासनिक प्रक्रिया हैं। इसका यह अर्थ बिल्कुल भी नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है या हटाया जाने वाला है।
यह पूरा विवाद उस समय गरमा गया जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सांसद बांसुरी स्वराज, वरिष्ठ नेता एल.के. आडवाणी और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जैसी नामचीन हस्तियों को चुनाव आयोग के नोटिस प्राप्त हुए।
इसके अलावा पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और उनके परिवार समेत अन्य कई प्रमुख नागरिकों के पास भी यह पत्र पहुंचे।
इस घटनाक्रम के बाद जनता और मीडिया में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी, जिस पर विराम लगाते हुए आयोग ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के फॉर्म में उम्र संबंधी विसंगति थी, जिसे आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अब सुधार लिया गया है और उनका नाम अंतिम सूची के लिए मान्य कर दिया गया है। इसी तरह विदेश मंत्री एस. जयशंकर के कागजात का सत्यापन भी लगभग पूरा हो चुका है।
केवल आंकड़ों को दुरुस्त करने के लिए भेजा जा रहा नोटिस
सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए दिल्ली के चुनाव निकाय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ECINET प्रणाली द्वारा स्वतः उत्पन्न ये नोटिस केवल आंकड़ों को दुरुस्त करने के लिए भेजे जा रहे हैं।
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आयोग ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना सुनवाई का उचित अवसर दिए और बिना किसी लिखित वैधानिक आदेश के सूची से बाहर नहीं किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर जैसा माहौल बनाया जा रहा है, वैसा कोई संकट अस्तित्व में नहीं है।
Press note to various print and social media reports on issuance of notices to VIP/marked electors.#sir2026 #sirdelhi @ECISVEEP pic.twitter.com/AhQ0MiF57q
— CEO, Delhi Office (@CeodelhiOffice) September 20, 2026
इस पुनरीक्षण प्रक्रिया का दायरा काफी बड़ा है। 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल करीब 97 लाख मतदाताओं में से लगभग 33.13 लाख लोगों के विवरण में पुरानी मतदाता सूचियों के साथ मिलान न होने या तकनीकी कमियों के कारण नोटिस के लिए चिन्हित किया गया था, जिनमें से 31 लाख से अधिक लोगों को नोटिस थमाए भी जा चुके हैं।
4 नवंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाचा सूची
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन्हें भी ये नोटिस मिले हैं, वे अपने संबंधित चुनाव अधिकारियों या बीएलओ के पास जरूरी कागजात जमा करवा सकते हैं।
इन नोटिसों के निस्तारण की प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद 4 नवंबर 2026 को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। आयोग ने दोहराया है कि उसकी प्राथमिकता एक पारदर्शी और समावेशी वोटर लिस्ट तैयार करना है ताकि कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
