'मैं अकेला हूं', तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिए जाने पर दिल्ली पुलिस से बहस करने लगे अभिजीत दीपके
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा मार्च' से पहले उनके निवास के बाहर से हिरासत में ले लिया।
HighLights
अभिजीत दीपके को तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिया गया।
दिल्ली पुलिस ने निवारक उपाय के तहत कार्रवाई की।
हिरासत के दौरान अभिजीत की पुलिस से बहस हुई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित लहरा दो तिरंगा मार्च के लिए अपने निवास से निकलते ही शुक्रवार शाम को दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके हिरासत में ले लिया। इस दौरान अभिजीत की पुलिस से काफी बहस हो गई।
अभिजीत जैसे ही गेट के बाहर निकले पुलिस ने उन्हें रोक लिया और बताया कि वो हिरासत में लिया जा रहे हैं। पुलिस द्वारा रोके जाने पर दीपके ने पुलिस से सवाल किया कि आप मुझे क्यों हिरासत में ले रहे हो? तब पुलिस ने कहा कि प्रिवेंटिव मेजर के तहत आपको गिरफ्तार कर रहे हैं।
तब अभिजीत ने कहा, मैं कोई कानून नहीं तोड़ रहा और अकेला जा रहा हूं फिर आप मुझे क्यों ले जा रहे हैं। तो पुलिस ने बोला कि आप वहां नहीं जा सकते। इस पर अभिजीत ने कहा, मैं तो वहां जा ही नहीं रहा। आप बता दीजिए कहां जाना है।
शांतिपूर्ण मार्च की अपील के बाद भी अभिजीत को पकड़ा- सीजेपी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके को आज दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क पहुंचने से पहले ही एहतियातन हिरासत में ले लिया। पार्टी के मुताबिक, दीपके राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहे थे।
यह कार्रवाई उस समय हुई, जब अभिजीत दीपके एनसीपी-एससीपी के प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास के बाहर अकेले पैदल जा रहे थे। पार्टी का दावा है कि उनके साथ न कोई भीड़ थी और न ही किसी तरह का प्रदर्शन किया जा रहा था।
कॉकरोच जनता पार्टी ने पहले ही अपने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से अपील की थी कि वे किसी भी तरह की बड़ी भीड़ इकट्ठा न करें। छोटे-छोटे समूहों में शांतिपूर्वक आगे आएं, राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हाथ में लेकर एक तस्वीर खिंचवाएं और बिना किसी नारेबाजी या हंगामे के तुरंत वहां से चले जाएं।
इसके बावजूद पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा बनाकर आवाजाही पर रोक लगाई और अकेले पैदल जा रहे अभिजीत दीपके को भी हिरासत में ले लिया।
अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
पुलिसकर्मियों द्वारा रास्ता रोके जाने पर अभिजीत दीपके ने सवाल किया, 'आप मुझे क्यों रोक रहे हैं? मैं बिल्कुल अकेला चल रहा हूं। मेरे साथ कोई भीड़ नहीं है। क्या इस देश में तिरंगा लहराना अपराध हो गया है?'
उन्होंने आगे कहा, 'हमने आधिकारिक तौर पर अपने लोगों से अपील की थी कि वे छोटे समूहों में आएं, तिरंगे के साथ एक साधारण तस्वीर लें और शांतिपूर्वक वापस चले जाएं। इसके बावजूद आप हमें रोक रहे हैं। क्या अब अपने ही देश की राजधानी में राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलना भी अपराध माना जाएगा?'
दीपके ने कहा, 'अगर अपने देश का तिरंगा हाथ में लेना अपराध है, तो मुझे जेल में डाल दीजिए। अगर तिरंगे से प्यार करना आपके कानूनों का उल्लंघन है, तो आपने इस देश में सामान्य देशभक्ति को भी अपराध बना दिया है।'
कॉकरोच जनता पार्टी ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की
कॉकरोच जनता पार्टी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे आम नागरिकों की लोकतांत्रिक भावनाओं को दबाने का प्रयास बताया है।
पार्टी का कहना है कि जब नागरिकों को एकत्र होकर अपनी बात रखने से रोका गया, तब उन्होंने लोकतंत्र के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करने का सबसे शांतिपूर्ण तरीका चुना। छोटे समूहों में तिरंगा लेकर खड़े होना, एक तस्वीर खिंचवाना और बिना किसी व्यवधान के वापस लौट जाना किसी भी तरह से कानून-व्यवस्था के लिए खतरा नहीं होना चाहिए।
पार्टी ने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके को केवल इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि वह राष्ट्रीय ध्वज लेकर निर्धारित स्थान की ओर जा रहे थे।
कॉकरोच जनता पार्टी के अनुसार, यह कार्रवाई दिखाती है कि प्रशासन को किसी अव्यवस्था से नहीं, बल्कि आम नागरिकों के हाथों में तिरंगे की शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ताकत से डर है।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि कोई भी ताकत नागरिकों के मन में तिरंगे के प्रति सम्मान और प्रेम को दबा नहीं सकती। साथ ही, चुनावी न्याय की मांग और लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज को भी खामोश नहीं किया जा सकता।
