दिल्ली-NCR में रंगदारी नेटवर्क पर कसेगी नकेल, नवंबर अंत तक भारत लाए जाएंगे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया
दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित करने की तैयारी तेज हो ...और पढ़ें
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गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को भारत लाने की तैयारी, जागरण
HighLights
हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया नवंबर अंत तक भारत आएंगे।
केंद्रीय एजेंसियां रंगदारी नेटवर्क ध्वस्त करने को प्रयासरत हैं।
पूछताछ से गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में करीब छह साल तक खौफ का पर्याय बन चुके कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को जल्द भारत लाकर भारतीय कानून के हवाले किया जाएगा।
केंद्रीय एजेंसियों और हरियाणा एसटीएफ के सटीक इनपुट के आधार पर हाल ही में अमेरिका में पकड़े गए इन दोनों बदमाशों को नवंबर के अंत तक भारत प्रत्यर्पित किए जाने की पूरी संभावना है।
भारत लाने की कोशिश में केंद्रीय एजेंसियां
विदेश मंत्रालय के सहयोग से केंद्रीय एजेंसियां दोनों को जल्द भारत लाने के लिए एड़ी चाेटी का जोर लगा रही है। स्पेशल सेल सूत्रों की मानें तो इससे पहले हाल के वर्षों मेें जितने भी गैंगस्टर हिमांशु विदेश में पकड़े गए उन्हें जल्द भारत लाने के लिए इतनी अधिक कोशिश नहीं की गई।
रंगदारी मांगने का बनाया था ट्रेंड
इन्हें जल्द भारत लाने के लिए इसलिए भी कोशिश की जा रही है क्योंकि दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के जिलों में करोड़ी की रंगदारी मांगने की शुरूआत भाऊ गिरोह ने ही की थी।
पहले लॉरेंस बिश्नोई व अन्य गिरोह व्यापारियों से एक से दो करोड़ तक रंगदारी मांगते थे। भाऊ ने पांच से दस करोड़ रंगदारी मांगने व नहीं देने पर दुकानों व कार्यालयों पर फायरिंग कराने के ट्रेंड की शुरूआत की।
पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश
जिसके बाद अन्य सभी गिराेहों ने भी भाऊ गिरोह की तर्ज पर ही व्यापारियों से मोटी रकम रंगदारी मांगना शुरू कर दिया। इसलिए केंद्रीय एजेंसियां के अलावा दिल्ली व हरियाणा पुलिस इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को जल्द ध्वस्त करने में जुट गई है। स्पेशल सेल का मानना है कि दोनों को भारत लाकर पूछताछ करने पर भाऊ के पूरे नेटवर्क के बारे में पता लगाया जा सकेगा
दिल्ली-एनसीआर में रंगदारी रैकेट की टूटेगी कमर
एजेंसियों का मानना है कि हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया की भारत वापसी से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय रंगदारी नेटवर्क पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा। स्पेशल सेल के एक अधिकारी का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में मांगी जाने वाली कुल रंगदारी में से करीब 40 प्रतिशत मामले हिमांशु भाऊ गिरोह के इशारे पर ही अंजाम दिए जाते थे।
भारत आने पर दोनों से पूछताछ कर विदेश और देश में फैले इनके क्राइम नेटवर्क, अवैध आधुनिक हथियार मुहैया कराने वाले सप्लायर, स्थानीय स्तर पर उन्हें पनाह, फंडिंग और लाजिस्टिक्स की मदद देने वाले मददगारों आदि के बारे में पूछताछ की जाएगी।
