दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू: महंगी पार्किंग से सरकारी दफ्तरों की टाइमिंग तक, क्या-क्या बदलेगा?
दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने AQI 324 पहुंचने के बाद ग्रैप-2 लागू कर दिया है। इसके तहत ...और पढ़ें

दिल्ली एनसीआर में लगी ग्रैप-2 की पाबंदियां। फोटो: आर्काइव
HighLights
दिल्ली-NCR में ग्रैप-2 लागू, AQI 324 के बाद CAQM का फैसला।
निजी वाहनों का उपयोग कम करने, पार्किंग शुल्क बढ़ाने की अपील।
खुले में कचरा जलाने, निर्माण से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 324 पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे NCR में ग्रैप के दूसरे चरण को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
इसके तहत निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने, पार्किंग शुल्क बढ़ाने, खुले में कचरा जलाने और निर्माण से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण सहित कई कदम उठाए गए हैं।
ग्रैप-2 में क्या-क्या पाबंदियां लगीं?
निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने की अपील: लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने और निजी वाहनों का उपयोग घटाने को कहा गया है।
पार्किंग शुल्क बढ़ेगा: निजी वाहनों को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
खुले में कचरा जलाने पर रोक: ठोस कचरा और बायोमास को खुले में जलाने से बचने के निर्देश हैं।
निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण: अक्टूबर से जनवरी के बीच धूल पैदा करने वाली निर्माण गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है।
सड़कों पर धूल कम करने के उपाय: मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग के साथ पानी का छिड़काव और डस्ट सप्रेसेंट का इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव: दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में सरकारी कार्यालयों और नगर निकायों के समय अलग-अलग करने का प्रावधान है।
आम लोगों को इन बातों का रखना होगा ध्यान
सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें और निजी वाहन कम चलाएं।
कम जाम वाले रास्तों को प्राथमिकता दें, भले ही रास्ता थोड़ा लंबा हो।
वाहन की एयर फिल्टर समय पर बदलें।
घरों में रसोई की चिमनी के फिल्टर साफ रखें।
घरों के बाहर और सार्वजनिक स्थानों पर धुआं पैदा करने वाली गतिविधियों से बचें।
जिन लोगों के काम की प्रकृति अनुमति देती है, वे घर से काम कर सकते हैं।
एजेंसियों को क्या-क्या करना होगा?
सड़कों की रोजाना मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग करनी होगी। यह काम प्राथमिकता से रात या सुबह जल्दी किया जाएगा।
अधिक ट्रैफिक वाले रास्तों, भारी यातायात वाले कॉरिडोर और जाम वाले स्थानों पर पानी का छिड़काव और डस्ट सप्रेसेंट का इस्तेमाल होगा।
प्रदूषण के चिन्हित हॉटस्पॉट पर कार्रवाई तेज की जाएगी।
निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) साइटों का निरीक्षण बढ़ाया जाएगा।
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को सुरक्षा, सफाई, बागवानी और अन्य कामों में लगे कर्मचारियों के लिए बिजली और इलेक्ट्रिक हीटर की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि वे खुले में बायोमास या कचरा न जलाएं।
किन शहरों में सरकारी दफ्तरों के समय अलग-अलग होंगे?
दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में राज्य सरकारों और नगर निकायों के कार्यालयों के समय अलग-अलग करने के निर्देश दिए गए हैं।
NCR के अन्य जिलों में भी स्थानीय प्रशासन इस पर फैसला ले सकता है। केंद्र सरकार अपने कार्यालयों के समय में बदलाव पर निर्णय ले सकती है।
क्यों लागू हुआ ग्रैप-2?
CAQM के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 31 अक्टूबर को 117 (मध्यम), 1 नवंबर को 261 (खराब) और 2 नवंबर को 324 (बहुत खराब) दर्ज किया गया।
प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। IMD और IITM के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में रहने की आशंका जताई गई है।
ग्रैप के पहले चरण के उपाय भी जारी रहेंगे। CAQM ने कहा है कि स्थिति की लगातार निगरानी और समीक्षा की जाएगी।
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