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स्वच्छ दिल्ली के लिए बड़ा कदम, यमुना को गंदगी से बचाएगा बायोगैस प्लांट; 1500 डेयरियां बनाएंगी 'ग्रीन गैस'

Published: Wed, 13 May 2026 08:18 AM (IST)

गोयला डेयरी में 200 टन क्षमता का बायोगैस संयंत्र जुलाई तक शुरू होगा, जिससे यमुना नदी में गोबर प्रदूषण रुकेगा। ...और पढ़ें

निर्माणाधीन गोयला बायोगैस संयंत्र का महापौर ने किया दौरा। फोटो: जागरण

निर्माणाधीन गोयला बायोगैस संयंत्र का महापौर ने किया दौरा। फोटो: जागरण

HighLights

  1. गोयला डेयरी में 200 टन बायोगैस प्लांट जुलाई तक

  2. 1500 डेयरियों के गोबर से यमुना प्रदूषण पर रोक

  3. महापौर ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। यमुना नदी को मैली होने से बचाने और दिल्ली को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में दिल्ली नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है।

महापौर प्रवेश वाही ने मंगलवार को नजफगढ़ जोन के निर्माणाधीन गोयला डेयरी बायोगैस संयंत्र का दौरा कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने इस परियोजना को यमुना की स्वच्छता के लिए क्रांतिकारी कदम बताया।

नंगली सकरावती की तर्ज पर तैयार हो रहा गोयला प्लांट

महापौर ने पिछले वर्ष के घटनाक्रम को याद करते हुए बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं नंगली क्षेत्र का दौरा कर पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम की शुरुआत की थी। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए, अब गोयला में 200 मिट्रिक टन क्षमता वाला सीबीजी प्लांट तैयार किया जा रहा है।

महापौर ने कहा कि नंगली सकरावती प्लांट ने डेयरी कचरे के प्रबंधन का जो माॅडल पेश किया है, गोयला प्लांट उसे और विस्तार देगा। मुख्यमंत्री के स्वच्छ व हरित दिल्ली के सपने को पूरा करने के लिए जुलाई माह तक इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

1500 डेयरियों का कचरा अब नहीं बनेगा यमुना का जहर

नजफगढ़ जोन के नंगली और गोयला क्षेत्रों में लगभग 1,500 डेयरियां संचालित हैं। अब तक इन डेयरियों से निकलने वाला भारी मात्रा में पशु गोबर नालियों के रास्ते नजफगढ़ ड्रेन और फिर सीधे यमुना नदी में गिरता रहा है।

गोयला संयंत्र के शुरू होने से इस गोबर का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा, जिससे यमुना में गंदगी जाने पर पूरी तरह रोक लगेगी। इस प्लांट से न केवल यमुना साफ होगी, बल्कि क्षेत्र के लोगों को गंदगी और बदबू से भी स्थायी मुक्ति मिलेगी।

काम में देरी पर महापौर के सख्त तेवर

निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण एजेंसी और निगम के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जुलाई तक प्लांट का काम पूरा करने में कोई भी अनावश्यक देरी न की जाए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि सभी संबंधित एजेंसियां आपस में तालमेल बिठाएं ताकि लंबित कार्यों को तत्काल पूरा किया जा सके।

निरीक्षण के अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त बीएस जगलान और उपायुक्त सुमित कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। महापौर ने इस दौरान पर्यावरण का संदेश देते हुए परिसर में वृक्षारोपण भी किया।

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