दिल्ली में चार्ज हो रही मोपेड की बैटरी फटने से लगी आग, 40 मिनट फंसे रहे बहन-भाई; 4 लोग पड़ोसी की छत पर कूदे
पूर्वी दिल्ली के बलबीर नगर में चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रिक मोपेड की बैटरी फटने से आग लग गई, जिससे एक ...और पढ़ें

बलबीर नगर में इसी मकान में इलेक्ट्रिक मोपेड की बैटरी फटने से लगी थी आग : जागरण
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। बलबीर नगर एक्सटेंशन में बुधवार देर रात 40 गज में बने एक मंजिला मकान के छोटे गलियारे में चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रिक मोपेड की बैटरी फटने से आग लग गई।
घर के भू-तल पर एक परिवार के तीन सदस्य फंस गए, जबकि पहली मंजिल पर रह रहे दंपती व उनके दो बच्चों ने पड़ोसी की छत पर कूदकर जान बचाई।
भू-तल पर रहने वाले स्कूटी मालिक अंकुर मित्तल ने अपने दो बच्चों की जान बचाने के लिए कंबल ओढ़कर आग की लपटों के बीच से होते हुए घर का मुख्य दरवाजा खोला, जिससे धुआं कमरे में नहीं भर पाया। अंकुर ने पड़ोसियों की मदद से दमकल के पहुंचने से पहले आग पर काबू पाया। 40 मिनट तक बहन-भाई कमरे में फंसे रहे।
दमकल ने मौके पर पहुंचकर अंकुर के दोनों बच्चों को बाहर निकाला। 16 वर्षीय दक्ष व 15 वर्षीय बहन काव्या घर से बाहर आते ही बेहोश हो गए। दोनों को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह दोनों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। शाहदरा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

चार्जिंग के दौरान बैटरी फटने से लगी आग
अंकुर अपने परिवार के साथ बलबीर नगर में रहते हैं। वह भू-तल पर अपने बेटे व बेटी के साथ रहते हैं। पहली मंजिल पर उनका भाई अमित पत्नी और आठ व तीन वर्ष के बच्चों के साथ रहता है।
घर के मुख्य दरवाजे के पास ही पहली मंजिल पर जाने के लिए सीढ़ियां हैं। उसके बाद रसोई और सबसे आखिर में एक कमरा बना हुआ है। कमरे के सामने एक छोटा सा गलियारा है। अंकुर घर के पास ही किराना की दुकान चलाते हैं।
सामान ढोने के लिए अंकुर ने ढाई साल पहले एंटोमिथ ओकिनावा कंपनी की इलेक्ट्रिक मोपेड खरीदी थी। वह उस मोपेड को रात को गलियारे में खड़ा करते थे। यहीं चार्जिंग प्वाइंट बना हुआ है, रातभर मोपेड में चार्जिंग होती थी।

बुधवार रात को अमित ने भी अपनी पैशन बाइक गलियारे में खड़ी की हुई थी। बुधवार रात को पूरा परिवार घर में सो रहा था। अंकुर ने बताया कि रात को कमरे में धुआं भरने लगा तो अचानक उनकी आंख खुली।
कमरे में लोहे का दरवाजा लगा है उसे खोला तो मोपेड में आग लगी हुई थी। उन्होंने दरवाजा बंद किया और दोनों बच्चों को उठाया। फोन करके पहली मंजिल पर रहने वाले अपने भाई अमित को आग की सूचना दी।
अंकुर का घर संकरी गली में है, रात के वक्त लोगों ने गाड़ियां खड़ी की हुई थी, इसलिए दमकल को पहुंचने में समय लगा। लगभग 40 मिनट बाद दमकल की गाड़ी पहुंची, लेकिन उससे पहले ही आग पर काबू पा लिया गया था।
कंबल ओढ़कर आग की लपटों से निकले
भू-तल पर रहने वाले तीनों लोग बुरी तरह से फंस गए थे क्योंकि उन्हें आग की लपटों को पार करके घर से बाहर जाना था। घर के मुख्य दरवाजे पर अंदर से ताला लगा हुआ था।
अंकुर ने बेड से कंबल निकाला और उस कंबल को शरीर पर लपेटकर आग की लपटों के बीच से होकर मुख्य दरवाजे का ताला खोलकर बाहर गया। ऐसा होने से धुआं घर में भरने की बजाय बाहर निकल गया। इस हादसे में कोई झुलसा नहीं। मोपेड व बाइक जलकर खाक हो गई।
इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करते समय सावधानी
- रातभर वाहन को चार्जिंग पर लगाकर न छोड़ें, चार्ज पूरा होने पर प्लग निकाल दें।
- वाहन को सीढ़ियों, मुख्य दरवाजे या बाहर निकलने के रास्ते के पास चार्ज न करें।
- बैटरी चार्ज करने के लिए कंपनी के अधिकृत चार्जर का ही इस्तेमाल करें।
- कटे-फटे तार, ढीले साकेट और खराब एक्सटेंशन बोर्ड से चार्जिंग न करें।
- बैटरी से धुआं, तेज गंध या असामान्य गर्मी महसूस हो तो तुरंत दूर हट जाएं।
- चार्जिंग के दौरान वाहन को कपड़ों, कागज और अन्य ज्वलनशील सामान से दूर रखें।
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