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दिल्ली का द्वारका बनेगा अंतरराष्ट्रीय केंद्र, आईटी हब और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर से बदलेगी तस्वीर

Published: Thu, 02 Apr 2026 04:24 AM (IST)

उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने द्वारका को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, व्यापार और सांस्कृतिक गतिविधियों का वैश्विक केंद्र बनाने की योजना प्रस्तुत की।

उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने द्वारका को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, व्यापार और सांस्कृतिक गतिविधियों का वैश्विक केंद्र बनाने की योजना प्रस्तुत की। इमेज एआई

उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने द्वारका को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, व्यापार और सांस्कृतिक गतिविधियों का वैश्विक केंद्र बनाने की योजना प्रस्तुत की। इमेज एआई

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने द्वारका को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, व्यापार और सांस्कृतिक गतिविधियों के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की बड़ी योजना सामने रखी है। आईटी/आईटीईएस हब, पांच सितारा होटल, यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर और अत्याधुनिक ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी परियोजनाओं के जरिए द्वारका को फ्यूचर रेडी स्मार्ट सिटी के रूप में तैयार किया जाएगा, जो निवेश, रोजगार और शहरी जीवन स्तर में बड़ा बदलाव लाएगा।

द्वारका सब-सिटी में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्षेत्रों में वैश्विक स्तर की नागरिक सुविधाएं और सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।

उन्होंने द्वारका की रणनीतिक कनेक्टिविटी यूईआर-II, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की निकटता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया। उपराज्यपाल ने कहा कि यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, भारत वंदना पार्क और सेक्टर-24 का गोल्फ कोर्स जैसे प्रोजेक्ट द्वारका को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला सकते हैं।

इसके लिए एक समयबद्ध और समग्र रोडमैप तैयार कर बहुराष्ट्रीय कंपनियों, दूतावासों और वैश्विक संस्थानों को यहां आयोजन के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। निरीक्षण के दौरान स्टार्म वाटर चैनल नंबर-2 और 5, सेक्टर-23 के पांच सितारा होटल प्रोजेक्ट, सेक्टर-26 में प्रस्तावित आईटी, आईटीईएस हब और सेक्टर-24 स्थित गोल्फ कोर्स का दौरा किया गया। एलजी ने इन परियोजनाओं की गुणवत्ता, उपयोगिता और आम जनता पर उनके दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन किया।

स्टार्म वाटर चैनल परियोजनाओं को शहरी बदलाव का माडल बताते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें हरित कारिडोर में बदला गया है, जहां साइकिल ट्रैक, वाकवे, सोलर इंस्टॉलेशन और सामुदायिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

इससे जल निकासी व्यवस्था मजबूत होने के साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। सेक्टर-23 में विकसित किए जा रहे पांच सितारा होटल प्रोजेक्ट को स्पेशल लाइसेंस फीस माडल पर तैयार किया जाएगा, जिसमें निजी भागीदारी के तहत 200 से अधिक कमरों की सुविधा होगी।

वहीं, यूईआर-II के पास प्रस्तावित आईटी और आईटीईएस हब से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। दौरे के अंतिम चरण में एलजी ने सेक्टर-24 स्थित गोल्फ कोर्स का निरीक्षण किया, जिसे पे एंड प्ले माडल पर विकसित किया जा रहा है।

यह देश के प्रमुख सार्वजनिक गोल्फ सुविधाओं में से एक होगा, जो खेल संस्कृति को बढ़ावा देगा और युवाओं को अवसर प्रदान करेगा।एलजी ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं का उद्देश्य केवल ढांचागत विस्तार नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना, हरित क्षेत्र बढ़ाना और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने डीडीए को शहरी सौंदर्यीकरण, हरित गतिशीलता और मनोरंजन से जुड़े और अधिक लैंडमार्क प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए।इस दौरान डीडीए के उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीडीए ने भरोसा जताया कि एलजी के मार्गदर्शन में दिल्ली में योजनाबद्ध, समावेशी और टिकाऊ शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

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