बाजार में 100 से 1,000 रुपये में बिक रहे रावण के पुतले, जानें दिल्ली में कहां जलाया जाएगा 40 फीट ऊंचा कॉकरोच
पूर्वी दिल्ली में विजयादशमी की पूर्व संध्या पर बाजारों में रावण के पुतले सजे हैं, जिनकी कीमत 100 से 1000 ...और पढ़ें

रावण दहन के लिए पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे कलाकार। चंद्र प्रकाश मिश्र
HighLights
पूर्वी दिल्ली में रावण के पुतले 100-1000 रुपये में उपलब्ध।
कड़कड़डूमा में 40 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला दहन।
नकारात्मक प्रवृत्तियों के खिलाफ संदेश देगा कॉकरोच पुतला।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। विजयादशमी की पूर्व संध्या पर यमुनापार की सड़कों और बाजारों में जगह-जगह तरह-तरह के रावण के पुतले नजर आए। कहीं बड़ी-बड़ी और घुमावदार मूंछों वाले रावण बच्चों को लुभाते दिखे, तो कहीं रंग-बिरंगी पोशाक और अलग-अलग आकार के पुतले लोगों का ध्यान खींचते रहे।
बच्चों में दिखी रावण का पुतला खरीदने की ललक
बच्चे अपने अभिभावकों के साथ मनपसंद रावण खरीदने पहुंचे, वहीं दूसरी ओर रामलीला कमेटियां भी बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण दहन की तैयारियों में जुटी रहीं। बाजारों की रौनक और रामलीला मैदानों में चल रही तैयारियों ने दशहरे के उत्साह को और बढ़ा दिया।
राहगीरों की नजरें पुतलों पर टिकीं
गांधी नगर, पांडव नगर और गुरु अंगद नगर में रावण के पुतलों की दुकानें सजी नजर आईं। दुकानदारों के अनुसार, बाजार में 100 से 1,000 रुपये तक के रावण उपलब्ध हैं। पुतले की लंबाई, पोशाक और मूंछों के घुमाव के आधार पर उनकी कीमत तय हो रही है। बच्चे अपनी पसंद के आकार और रंग-रूप वाले पुतले चुनते नजर आए, जबकि राहगीर भी इन पुतलों को देखकर ठहरते रहे।
कॉकरोच के दहन की तैयारी
यमुनापार में इस बार कड़कड़डूमा के सीबीडी ग्राउंड में रावण दहन के साथ 40 फुट ऊंचे विशाल काॅकरोच के पुतले का भी दहन किया जाएगा।
श्री बालाजी रामलीला कमेटी के प्रधान रमेश शर्मा ने बताया कि आज के समय में सांस्कृतिक एकता को कमजोर करने, विभाजनकारी सोच फैलाने और युवाओं को भटकाने वाली नकारात्मक प्रवृत्तियों के खिलाफ संदेश देना जरूरी है।
इसके आगे उन्होंने कहा कि के लिए 70 फीट ऊंचे रावण, 60 फीट ऊंचे कुंभकरण, 50 फीट ऊंचे मेघनाद और 40 फीट ऊंचे काॅकरोच के दहन की तैयारी की गई है।
50-50 फीट का कुंभकरण और मेघनाथ
वहीं, बालाजी रामलीला कमेटी के यतेंद्र गुप्ता ने बताया कि दशहरा पर लोगों को समाज में अधर्म का समूल नाश का संदेश देने के लिए 60 फीट के रावण के साथ 50-50 फीट का कुंभकरण और मेघनाथ का पुतला दहन किया जाएगा।
