दिल्ली से वालोंग तक EV बाइक से 4850 KM के सफर पर निकले सेना के जवान, 'SPHERE' यात्रा पहुंची बरेली
सेना सेवा कोर की 'SPHERE' ईवी बाइक यात्रा दिल्ली से अरुणाचल प्रदेश के वालोंग तक 4850 किमी की दूरी तय कर रही है।

ईवी बाइक से दिल्ली से अरुणाचल प्रदेश के वालोंग के निकली एएससी की टीम को झंडी दिखाकर रवाना करते ब्रिगेडियर बिक्रमजीत सिंह
HighLights
सेना की 'SPHERE' EV बाइक यात्रा बरेली पहुंची।
दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन क्षमता का परीक्षण।
पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा।
जागरण संवाददाता, बरेली। बर्फीले दर्रे, दुर्गम पहाड़ियां और बदलते मौसम के बीच अब इलेक्ट्रिक बाइक अपनी क्षमता की परीक्षा दे रही है। सेना सेवा कोर की ओर से ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने और दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों की व्यावहारिकता परखने को स्टैलियंस पैन-हिमालयन ईवी राइडर्स एक्सपेडिशन (एसपीएचईआरई) के तहत दिल्ली से अरुणाचल प्रदेश के वालोंग तक निकाली गई ईवी बाइक यात्रा सोमवार को बरेली पहुंची।
टीम के सदस्याें-जवानों ने बलिदानियों को नमन कर पर्यावरण संरक्षण के लिए ईवी वाहनों के प्रयोग पर बल दिया। ब्रिगेडियर एएससी मुख्यालय उत्तर भारत बिक्रमजीत सिंह ने दल को झंडी दिखाकर वालाेंग के लिए रवाना किया।
सेना सेवा कोर के 266वें कार्प्स-डे और 12वें एएससी रीयूनियन के उपलक्ष्य में आयोजित अभियान के तहत निकला दल 4850 किलोमीटर की दूरी तय कर 16 नवंबर को वालोंग दिवस के अवसर पर वालोंग युद्ध स्मारक पर पहुंचेगा।
भारत-चीन युद्ध में भारतीय सैनिकों ने दिखाया था अदम्य साहस
दल में शामिल जवानों ने बताया कि, अभियान का मकसद केवल लंबी दूरी तय करना नहीं, बल्कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में इलेक्ट्रिक वाहनों की क्षमता को परखना भी है। इसमें, ऊंचाई, कम तापमान और दुर्गम रास्तों में ईवी की उपयोगिता का प्रदर्शन ग्रीन मोबिलिटी को देखा जा रहा।
साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष-1962 के भारत-चीन युद्ध में वालोंग क्षेत्र में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और शौर्य का प्रदर्शन किया था। सेना की यह पहल आधुनिक तकनीक, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा के संकल्प को एक साथ जोड़ती है।
