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3 मौतों के बाद भी 5 बार अटकी फाइल! बरेली में रामगंगा पुल के लिए अब कमिश्नर ने संभाली कमान

Published: Mon, 19 Oct 2026 10:20 PM (IST)

बदायूं के दातागंज में रामगंगा पुल पर दो साल पहले हुए हादसे में तीन युवकों की मौत के बावजूद, पुल ...और पढ़ें

रामगंगा का क्षतिग्रस्त पुल

रामगंगा का क्षतिग्रस्त पुल

HighLights

  1. दो साल पहले क्षतिग्रस्त पुल से गिरकर कार सवार तीन युवकों की हुई मौत

जागरण संवाददाता, बरेली। दो साल पहले बदायूं जिले के दातागंज में रामगंगा नदी के क्षतिग्रस्त पुल से कार नीचे गिर जाने से तीन युवकों की जान चली गई थी। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं पर कार्रवाई हुई थी और आइआइटी रुड़की के इंजीनियरों से सर्वे कराकर 140 करोड़ का एस्टीमेट शासन को भेजा गया था।

वित्त कमेटी बार-बार फाइल पर आपत्तियां लगा रही है, विभाग की ओर से उसे दूर कराई जा रही हैं। क्षेत्रीय विधायक भी पैरवी कर रहे हैं, लेकिन स्वीकृति आज तक नहीं मिल सकी है।

अब मंडलायुक्त ने शासन को पत्र लिखकर प्रस्ताव को स्वीकृत कर बजट आवंटन के लिए आग्रह किया है। रामगंगा पुल पर दुर्घटना 24 नवंबर 2024 की रात में हुई थी।

नोएडा के तीन युवक कार से जा रहे थे, एप्रोच क्षतिग्रस्त होने के कारण उनकी कार नदी में गिर गई थी। दुर्घटना में तीनों युवकों की जान चली गई थी। 42 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण तो 2021 में हुई शुरू हुआ था, अप्रैल 2023 में चालू किया गया था।

उसी साल नदी में आई बाढ़ में एप्रोच मार्ग बह गया था। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने पुल पर आवागमन बंद नहीं कराया था। दुर्घटना के बाद शासन से निर्देश जारी हुआ कि आइआइटी रुड़की के इंजीनियरों से अध्ययन कराकर पुल को ठीक कराया जाए।

लोक निर्माण विभाग की ओर से आइआइटी रुड़की को 23 लाख रुपये शुल्क जमा किया, फिर तीन महीने बाद इंजीनियरों की टीम ने यहां आकर अध्ययन किया।

उन्हीं की अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर पुल की लंबाई 150 मीटर बढ़ाकर सुधारात्मक कार्य कराने के लिए लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम 140 करोड़ रुपये का एस्टीमेट शासन को भेजा।

वित्त कमेटी पांच बार एस्टीमेट की फाइल पर आपत्तियां लगा चुकी है। विभागीय अधिकारी उनका निस्तारण भी करा चुके हैं। दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह भी पुल के लिए शासन स्तर पर पैरवी कर रहे हैं, लेकिन बजट अभी तक जारी नहीं हुआ है।

अब मंडलायुक्त शंभू कुमार की ओर से भी शासन को पत्र भेजकर पुल के एस्टीमेट को स्वीकृत कर बजट आवंटन के लिए आग्रह किया है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता केके सिंह का कहना है कि वित्त कमेटी की आपत्तियों का निस्तारण कराया जा चुका है, बजट आवंटन के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा।

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