लाखों के पैकेज को लात मार शुरू किया खुद का काम, अब 5 शहरों में युवाओं को नौकरी दे रहीं बरेली की शिल्पी
डॉ. शिल्पी दीक्षित ने लाखों का पैकेज छोड़कर 2017 में 'डिजिटल मंत्राज' स्टार्टअप शुरू किया। यह कंपनी अब पांच शहरों ...और पढ़ें

युवाओं को रोजगार दिला रहीं शिल्पी
HighLights
वर्ष 2017 में रखी स्टार्टअप की नींव, इंटरनेट मीडिया से मिल रहा विस्तार
जागरण संवाददाता, बरेली। नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना नारी शक्ति, आत्मविश्वास और संकल्प का संदेश देती है। इसी शक्ति की मिसाल जवाहर नगर निवासी डाॅ. शिल्पी दीक्षित हैं, जिन्होंने युवाओं का कौशल विकास कर उन्हें रोजगार दिलाने के उद्देश्य से लाखों रुपये के पैकेज को छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू किया।
चुनौतियों से भरे सफर में उन्होंने न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि हजारों युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान दी। उनकी कंपनी डिजिटल मंत्राज अब पांच शहरों में युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने का काम कर रही है।
डाॅ. शिल्पी ने वर्ष 2017 में डिजिटल मंत्राज की नींव रखी। इससे पहले वह एक निजी विश्वविद्यालय में प्रबंधन विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थीं। इस दौरान वह विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करती थीं और उनके प्लेसमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थीं।
प्रतिष्ठित कंपनियों से संपर्क और विद्यार्थियों को मिली सफलता ने उन्हें इस क्षेत्र में अपना काम शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नौकरी की सुरक्षा छोड़कर अपने विचार को हकीकत में बदलने का फैसला किया।
शुरुआत में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन परिवार के सहयोग और अपने संकल्प के दम पर उन्होंने आगे बढ़ना जारी रखा। धीरे-धीरे युवाओं का जुड़ाव बढ़ा और कंपनी का विस्तार होता गया। डाॅ. शिल्पी के अनुसार, उनकी कंपनी अब तक हजारों युवाओं को रोजगार दिलाने में सहयोग कर चुकी है।
कौशल विकास से रोजगार तक का सफर
डिजिटल मंत्राज के माध्यम से युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। वहीं, इंप्लाइमेंट मंत्राज के जरिए उन्हें नौकरी के अवसरों से जोड़ा जाता है।
बरेली में दो कार्यालयों के अलावा कंपनी बंगलुरु, नोएडा, कोलकाता और जयपुर में भी युवाओं का मार्गदर्शन कर रही है। रुहेलखंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (आरआइएफ) के सहयोग से कंपनी से जुड़कर 30 लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
इंटरनेट मीडिया के माध्यम से युवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी भी दी जा रही है। वे दो बच्चों (शिव और देव) की जिम्मेदारी के साथ कारोबार संभाल रही हैं। उनके पति राघवेंद्र दीक्षित सरकारी सेवा में हैं।
