दिल्ली यूनिवर्सिटी में PhD एडमिशन के लिए नया नियम, 100 नंबर की होगी परीक्षा; इंटरव्यू को 30% का वेटेज
डीयू ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों के लिए पीएचडी में सीधे प्रवेश का रास्ता साफ कर ...और पढ़ें

दिल्ली यूनिवसिटी में पीएचडी को लेकर नियम तय। फोटो: आर्काइव
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। डीयू ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में शोध या उद्यमिता का विकल्प पूरा करने वाले विद्यार्थियों के लिए पीएचडी में सीधे प्रवेश की राह स्पष्ट कर दी है।
विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश परीक्षा का पैटर्न और पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा दो घंटे की होगी और इसमें 100 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे।
चयन में प्रवेश परीक्षा के अंकों का 70 प्रतिशत और साक्षात्कार का 30 प्रतिशत वेटेज रहेगा। अधिसूचना के अनुसार, यूजीसी-सीएसआईआर नेट, गेट, सीईईडी या अन्य समान राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करने वाले विद्यार्थी इस प्रवेश परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
इसके लिए यूजीसीएफ-2022 के तहत चार वर्षीय या आठ सेमेस्टर का स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य है।
दो खंडों में होगी परीक्षा
प्रवेश परीक्षा में 50 अंक के बहुविकल्पीय प्रश्न शोध पद्धति से संबंधित होंगे। इस खंड में गलत उत्तर देने पर निर्धारित अंकों के 25 प्रतिशत की कटौती होगी।
वहीं, शेष 50 अंक के विषय आधारित खंड में विद्यार्थियों के चौथे वर्ष में किए गए शोध प्रबंध, अकादमिक परियोजना या उद्यमिता कार्य से संबंधित वर्णनात्मक प्रश्न पूछे जाएंगे।
सीजीपीए और शोध कार्य की शर्त
सामान्य श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 7.5 सीजीपीए, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए सात सीजीपीए जरूरी है।
चौथे वर्ष में शोध प्रबंध, अकादमिक परियोजना या उद्यमिता से जुड़ा कार्य करना भी अनिवार्य होगा। अनुवाद कार्य को अकादमिक परियोजना नहीं माना जाएगा।
50 प्रतिशत अंक पर साक्षात्कार
परीक्षा में सामान्य श्रेणी के कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। एससी, एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा 45 प्रतिशत है।
साक्षात्कार से पहले शोध या परियोजना की रिपोर्ट जमा करनी होगी। वाणिज्य, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, मनोविज्ञान और गृह विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के लिए शोध पद्धति का पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है।
विज्ञान, गणित, इलेक्ट्राॅनिक्स, आईटी और कंप्यूटर विज्ञान के लिए अलग पाठ्यक्रम होगा। परीक्षा की तारीख विश्वविद्यालय बाद में घोषित करेगा।
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