दिल्ली सरकार दे रही फ्री सोलर पैनल, 20 दिन में 77 हजार आवेदन; 5 साल तक मेंटेनेंस खर्च भी जीरो
दिल्ली सरकार की नई सौर ऊर्जा नीति के तहत तीन किलोवाट तक के सोलर पैनल मुफ्त लगाने की घोषणा से ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार दे रही है फ्री साेनल पैनल। एआई जनरेटेड
HighLights
दिल्ली सरकार की नई सौर ऊर्जा नीति ने बदली तस्वीर।
तीन किलोवाट तक सोलर पैनल अब मुफ्त उपलब्ध।
77,600 से अधिक उपभोक्ताओं ने किया आवेदन।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली अपनी 85 प्रतिशत बिजली आवश्यकता के लिए केंद्र सरकार और दूसरे राज्यों के संयंत्रों पर निर्भर है। दूसरों पर निर्भरता कम करने को पिछले 10 वर्षों से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का प्रयास हो रहा है। लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
सितंबर तक लगभग 29700 सोलर पैनल लग सके थे। इसे गति देने को दिल्ली सरकार ने पिछले माह सौर ऊर्जा नीति में बदलाव कर तीन किलोवाट तक सोलर पैनल लगाने का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की।
इससे निश्शुल्क बिजली योजना का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं की सोच भी बदलने लगी है। यही कारण है कि अनधिकृत कॉलोनियों और दिल्ली देहात के लोग स्थायी रूप से निश्शुल्क बिजली प्राप्त करने के लिए अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए आगे आ रहे हैं।
21 सितंबर से पंजीकरण शुरू होने से लेकर 9 अक्टूबर तक 77600 से अधिक उपभोक्ता आवेदन कर चुके हैं।
निश्शुल्क सोलर पैनल के लिए बढ़ी मांग
पिछली सरकार द्वारा वर्ष 2016 में घोषित सौर ऊर्जा नीति से 10 वर्षों में लगभग 13 हजार सोलर पैनल लगे थे।
भाजपा की सरकार बनने के बाद वर्ष 2025 में इसे बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू की, जिसमें तीन किलोवाट तक सोलर पैनल के लिए केंद्र से मिलने वाले 78 हजार रुपये की सब्सिडी के साथ ही दिल्ली सरकार द्वारा 30 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया।
इससे एक वर्ष में लगभग 17 हजार नए सोलर पैनल लगे। यह भी पर्याप्त नहीं था।
पांच साल रखरखाव का भी खर्च नहीं
सोलर पैनल को लेकर लोगों में दिलचस्पी नहीं होने का एक बड़ा कारण इसका खर्च था। अब इसका भी समाधान कर दिया गया है। उपभोक्ता को जहां निश्शुल्क सोलर पैनल मिल रहा है।
वहीं, पांच वर्षों तक इसके रखरखाव पर भी कोई खर्च नहीं करना होगा। परिणामस्वरूप प्रतिदिन लगभग 4300 आवेदन आ रहे हैं।
पूर्वी दिल्ली के कोंडली निवासी राम किशोर शर्मा सहित कई उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रति माह 200 यूनिट तक मिलने वाली निश्शुल्क बिजली योजना स्थायी नहीं है। यह बंद भी हो सकती है।
यदि निश्शुल्क सोलर पैनल लग जाएगा तो स्थायी रूप से निश्शुल्क बिजली मिलने के साथ ही अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर सकेंगे।
मार्च तक 2.30 लाख पैनल लगाने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य अगले वर्ष मार्च तक 2.30 लाख सोलर पैनल लगाने का है। यदि ये उपभोक्ता निश्शुल्क बिजली योजना से बाहर होते हैं तो लगभग 138 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि बचेगी।
साथ ही संयंत्रों से महंगी बिजली खरीदने में होने वाले खर्च में कमी आएगी। दिल्ली सरकार के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद का कहना है कि यह योजना ग्रिड से मिलने वाली बिजली पर निर्भरता कम करने और मासिक बिल घटाने का कारगर तरीका है। सरकार ने निश्शुल्क बिजली का स्थायी प्रबंध कर दिया है।
सोलर पैनल के लिए आवेदन
| बिजली वितरण कंपनी | आवेदन |
|---|---|
| बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (यमुना पार व मध्य दिल्ली) | 27,197 |
| बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (दक्षिण और पश्चिमी दिल्ली) | 23,925 |
| टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (उत्तर व पश्चिमी दिल्ली) | — |
