डीयू कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा की मांग तेज, एबीवीपी ने सीवीएस कॉलेज के प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन
डीयू के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज की एबीवीपी इकाई ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्राचार्य प्रो. शिव कुमार सहदेव को ज्ञापन देते एबीवीपी के सदस्य। सौ. कालेज
HighLights
एबीवीपी ने डीयू कॉलेज में छात्राओं की सुरक्षा और आत्मरक्षा की मांग की।
दिल्ली पुलिस के सहयोग से आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव।
कॉलेज परिसर में पिंक सेफ्टी बूथ, रोशनी और सीसीटीवी कैमरे बढ़ाने की मांग।
दक्षिणी दिल्ली, जागरण संवाददाता। राजधानी में महिलाओं के खिलाफ आए दिन बढ़ते अपराधों के बीच अब कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आवाज उठने लगी है।
छात्राओं को खुद की सुरक्षा करने के लिए आत्मरक्षा के गुर सिखाने के साथ ही कालेज परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही है।
छात्राओं की सुरक्षा की मांग
डीयू के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज (सीवीएस) की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) इकाई ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर छात्राओं की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाने की मांग की है। एबीवीपी की ओर से कॉलेज में दिल्ली पुलिस के सहयोग से नियमित आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित कराने का सुझाव दिया गया है।
क्या है छात्राओं की मांग?
इसके साथ ही छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, आपात स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों और उपलब्ध हेल्पलाइन आदि की जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की गई है।
इसके अलावा कॉलेज परिसर में पिंक सेफ्टी बूथ स्थापित करने, परिसर और आसपास में लाइट लगाने, कॉलेज के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की गई है।
डीयू के दूसरे कॉलेजों में भी उठाएंगे मांग
छात्रसंघ की मांग है कि छात्राओं की शिकायतों व सुरक्षा संबंधी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई हो। कॉलेज यूनिट अध्यक्ष मोहित वर्मा का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा केवल कालेज प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है पुलिस और समाज के सामूहिक प्रयास से ही सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सकता है।
ऐसे में संगठन की ओर से दक्षिणी दिल्ली के अन्य कालेजों में भी छात्राओं की सुरक्षा और आत्मरक्षा प्रशिक्षण को लेकर ज्ञापन देकर मांग उठाई जाएगी।
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