विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

स्मार्ट बसें, बेहतर रूट: दिल्ली में सैटेलाइट ट्रैकिंग और पिंक कार्ड से 20 लाख महिलाओं को बड़ी राहत

Published: Fri, 23 Oct 2026 03:28 PM (GMT+05:30)

दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की तीन पहलों- पिंक सहेली कार्ड, एकीकृत स्मार्ट बस प्रबंधन प्रणाली और बस मार्गों के पुनर्निर्धारण ...और पढ़ें

पिंक कार्ड से 20 लाख महिलाओं को बड़ी राहत (AI-Image)

पिंक कार्ड से 20 लाख महिलाओं को बड़ी राहत (AI-Image)

HighLights

  1. पिंक सहेली कार्ड से महिलाओं को मुफ्त और सुरक्षित यात्रा।

  2. स्मार्ट बस प्रबंधन प्रणाली से बसों की निगरानी मजबूत हुई।

  3. डेटा विश्लेषण से बस मार्गों का पुनर्निर्धारण, कनेक्टिविटी बेहतर।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की तीन पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर शहरी परिवहन में उत्कृष्टता के पुरस्कारों के लिए चुना गया है।

इन पहलों की खासियत यह है कि इनके जरिये महिलाओं की बस यात्रा आसान बनाई गई है, बसों के परिचालन पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार बस मार्ग तय करने का प्रयास किया गया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने पिंक सहेली कार्ड योजना, एकीकृत स्मार्ट बस प्रबंधन प्रणाली और बस मार्गों के पुनर्निर्धारण की पहल को चुना है। पुरस्कार 24 अक्टूबर को भुवनेश्वर में दिए जाएंगे।

महिलाओं को मुफ्त यात्रा और आसान सुविधा

डीटीसी को पहला पुरस्कार पिंक सहेली राष्ट्रीय साझा आवागमन कार्ड योजना के लिए नवाचार और स्मार्ट आवागमन समाधान की श्रेणी में दिया जाएगा। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

इसके लिए अब तक 20 लाख से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना और सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा समावेशी बनाना है।

बसों की निगरानी होगी और मजबूत

दूसरा पुरस्कार एकीकृत स्मार्ट बस प्रबंधन प्रणाली के लिए चुना गया है। इसके तहत उपग्रह आधारित वाहन स्थिति निर्धारण प्रणाली, बसों में लगे निगरानी कैमरों और प्रदर्शन संबंधी सूचना पटलों की मदद से बस परिचालन पर नजर रखी जाती है।

इससे बसों की आवाजाही, परिचालन की स्थिति और सेवाओं की निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। इस पहल को सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था वाले शहर की श्रेणी में मान्यता दी गई है।

आंकड़ों से सुधरेंगे बस मार्ग

तीसरा पुरस्कार देवी बस मार्ग पुनर्निर्धारण पहल के लिए चुना गया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी), दिल्ली के समन्वय से शुरू की गई इस पहल में आंकड़ों का विश्लेषण कर बस मार्गों की जरूरत और उपयोगिता का आकलन किया जाता है।

इसका उद्देश्य उन इलाकों में बस संपर्क बेहतर करना है, जहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा अपेक्षाकृत कम है। मोहल्ला स्तर पर संपर्क बढ़ाने के साथ ही यात्रियों को घर से बस स्टॉप और बस स्टॉप से गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा बेहतर करना भी इसका लक्ष्य है।

परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि ये सम्मान दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रयासों को प्रोत्साहित करेंगे। सरकार तकनीक और आंकड़ों के इस्तेमाल से बस सेवाओं को अधिक सुलभ और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

यह भी पढ़ें- लगातार बस हादसों पर DTC सख्त, ओवरस्पीडिंग और लापरवाही पर लगेगा भारी जुर्माना

यह भी पढ़ें- पीएमसीएच टीबी-चेस्ट विभाग में शिक्षकों की कमी, डिग्री की मान्यता पर संकट