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दिवाली की रात दिल्ली में प्रदूषण का कहर, गंभीर श्रेणी में वायु गुणवत्ता

Published: Mon, 09 Nov 2026 12:29 AM (IST)

दिवाली की रात दिल्ली पटाखों के धुएं की मोटी चादर में लिपट गई, जिससे कई इलाकों में दृश्यता कम हुई और लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई।

दिवाली की रात दिल्ली में प्रदूषण का कहर, गंभीर श्रेणी में वायु गुणवत्ता ( एआई जेनरेटेड इमेज)

दिवाली की रात दिल्ली में प्रदूषण का कहर, गंभीर श्रेणी में वायु गुणवत्ता ( एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. दिवाली की रात दिल्ली धुएं की मोटी चादर में लिपटी।

  2. 20 केंद्रों पर AQI गंभीर श्रेणी में, औसत 371 दर्ज।

  3. अगले कई दिन दिल्ली की हवा गंभीर रहने का अनुमान।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिवाली की रात आतिशबाजी के धुएं ने दिल्ली को धुंध की मोटी चादर में लपेट लिया। सड़कों पर लगी रोशनी धुएं के कारण धुंधली पड़ गई और कई इलाकों में दृश्यता कम हो गई।

पटाखों के धुएं की गंध के साथ लोगों ने सांस लेने में परेशानी की शिकायत भी की। रात 10 बजे तक दिल्ली के 59 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 20 पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। इस समय दिल्ली का औसत एक्यूआई 371 दर्ज किया गया।

इन इलाकों में ऐसा रहा एक्यूआई

सबसे खराब स्थिति सोनिया विहार की रही, जहां एक्यूआई 463 तक पहुंच गया। इसके बाद जहांगीरपुरी में 450 दर्ज किया गया। छह निगरानी केंद्र ऐसे रहे, जहां पूरे दिन हवा गंभीर श्रेणी में बनी रही।

इनमें सोनिया विहार, जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, बुराड़ी, ओखला और रोहिणी शामिल हैं। रात 10 बजे छह केंद्रों पर हवा खराब और शेष 33 केंद्रों पर बहुत खराब श्रेणी में रही।

प्रतिबंध के बावजूद कई इलाकों में हुई आतिशबाजी

पटाखे जलाने पर प्रतिबंध और सरकार की अपील के बावजूद राजधानी के कई इलाकों में जमकर आतिशबाजी हुई। पीतमपुरा, बुराड़ी, मयूर विहार और लुटियंस दिल्ली में भी पटाखे जलाए जाने की खबरें आईं।

बाहरी दिल्ली के बुराड़ी में आतिशबाजी की तीव्रता अधिक रही। वहीं, बिशंबर दास मार्ग और लुटियंस दिल्ली में भी देर रात तक पटाखे जलाए गए। हालांकि कुछ इलाकों में इसकी तीव्रता बाद में कम हुई।

लोगों ने की कई शिकायतें

दिल्ली सरकार ने दिवाली से पहले लोगों से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप केवल हरित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल करने की अपील की थी। पूर्वी जिले के जिलाधिकारी ने सात और आठ नवंबर को सुबह छह से सात बजे तथा रात आठ से 10 बजे तक ही हरित पटाखे जलाने की अनुमति दी थी।

दिन में अधिकांश सड़कों पर अपेक्षाकृत कम आवाजाही रही, लेकिन शाम पांच से छह बजे के बाद पटाखे जलाने का सिलसिला तेज हो गया। रात बढ़ने के साथ धुआं कई रिहायशी इलाकों में जमा होने लगा। लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर धुएं की तेज गंध, कम दृश्यता और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें साझा कीं।

अगले कई दिन गंभीर रह सकती है हवा

रविवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 376 रहा, जबकि शनिवार को यह 369 था। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, नौ नवंबर से अगले कुछ दिनों तक दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में रह सकती है। पटाखों के धुएं के साथ वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं भी स्थिति बिगाड़ सकती हैं।

रविवार को पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा। दिल्ली के निर्णय सहायता तंत्र के अनुमान के मुताबिक, प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत और पराली जलाने की हिस्सेदारी 3.5 प्रतिशत रही।

सोमवार को पराली के धुएं की हिस्सेदारी करीब 2.99 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हवा की गति कम रहने और प्रदूषकों के फैलाव के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं होने से प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।

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