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दुर्गा पूजा-दीवाली-छठ पर हवाई किराये में उछाल, दिल्ली-पटना टिकट 14K तो दरभंगा 17K; कई रूट पर 3 गुना तक बढ़े दाम

Published: Mon, 21 Sep 2026 06:19 PM (IST)

त्योहारी सीजन में दुर्गा पूजा, दीवाली और छठ पूजा के दौरान हवाई किराये में भारी उछाल आया है, जिससे दिल्ली ...और पढ़ें

हवाई किराये में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी से घर लौटने वाले मध्यम वर्ग और कामकाजी यात्रियों के बजट पर तगड़ी मार पड़ी है। प्रतीकात्मक तस्वीर

हवाई किराये में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी से घर लौटने वाले मध्यम वर्ग और कामकाजी यात्रियों के बजट पर तगड़ी मार पड़ी है। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. त्योहारी सीजन में हवाई किराये में डेढ़ से साढ़े तीन गुना वृद्धि।

  2. दिल्ली से पटना, दरभंगा रूट पर किराया रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।

  3. एटीएफ, प्रतिस्पर्धा कमी, डायनामिक प्राइजिंग किराये वृद्धि के कारण।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दुर्गा पूजा, दीवाली और छठ पूजा का मौसम नजदीक आते ही देशभर में हवाई किराये आसमान छूने लगे हैं। विभिन्न बुकिंग पोर्टल्स और एविएशन ट्रेंड्स के अनुसार, इस त्योहारी सीजन में कई प्रमुख और क्षेत्रीय रूट्स पर उड़ानों की कीमतें सामान्य दिनों के मुकाबले डेढ़ से साढ़े तीन गुना तक बढ़ गई हैं। किराये में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी से घर लौटने वाले मध्यम वर्ग और कामकाजी यात्रियों के बजट पर तगड़ी मार पड़ी है।

प्रमुख रूट्स पर किराये का रिकॉर्ड स्तर

यात्रियों की भारी मांग के कारण दिल्ली से पटना, दरभंगा और कोलकाता जैसे रूटों पर किराया रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है...

  • दिल्ली से पटना: सामान्य दिनों में लगभग 4,500 रुपये में मिलने वाला टिकट दुर्गा पूजा के दौरान न्यूनतम 6,000 रुपये और छठ पूजा पर 10,000 रुपये में मिल रहा है। वहीं, दीवाली से ठीक एक दिन पहले 7 नवंबर को इसका शुरुआती किराया सीधे 14,000 रुपये तक पहुंच गया है।
  • दिल्ली से दरभंगा: सीमित उड़ानों के कारण इस रूट पर स्थिति सबसे गंभीर है। दुर्गा पूजा में न्यूनतम किराया 6,500 रुपये और छठ पूजा (11 नवंबर) में 12,000 रुपये दर्ज किया गया है, जबकि दिवाली यानी 7 नवंबर के दिन यह न्यूनतम 17,000 रुपये तक जा पहुंचा है।
  • दिल्ली से कोलकाता: इस रूट पर दुर्गा पूजा के दौरान शुरुआती टिकट 8,000 रुपये, दीवाली पर 11,000 रुपये और छठ पूजा के समय 7,500 रुपये में उपलब्ध हो रहा है।

किराये में उछाल के 4 मुख्य कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई किराये में इस बेलगाम तेजी के पीछे चार प्रमुख और तकनीकी कारण हैं...

  • एटीएफ की बढ़ती कीमतें: एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) के दामों में 5.46 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, जो एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च (ऑपरेटिंग कॉस्ट) का लगभग एक-तिहाई हिस्सा होता है।
  • बाजार में सीमित प्रतिस्पर्धा: घरेलू एविएशन मार्केट में इंडिगो और एयर इंडिया जैसे बड़े समूहों का दबदबा है। प्रतिस्पर्धा की कमी के कारण दरभंगा जैसे सीमित उड़ानों वाले रूट्स पर मनमाना किराया वसूला जा रहा है।
  • उड़ानों की क्षमता में गिरावट: एविएशन डेटा एजेंसी, ओएजी के अनुसार, त्योहारों पर अत्यधिक मांग के बावजूद घरेलू उड़ानों की कुल क्षमता में 5.6 प्रतिशत की गिरावट आई है।
  • एआई आधारित डायनामिक प्राइजिंग: एयरलाइंस का एआई-बेस्ड एल्गोरिदम सर्च वॉल्यूम और बुकिंग स्पीड बढ़ते ही रियल-टाइम में बची हुई सीटों के दाम अपने आप 2 से 3 गुना तक बढ़ा देता है।

महंगे किराये से बचने के लिए विशेषज्ञों के सुझाव

त्योहारों के दौरान 'फेस्टिवल फेयर सर्ज' (Festival Fare Surge) से बचने के लिए विशेषज्ञों ने यात्रियों को कुछ स्मार्ट विकल्प अपनाने की सलाह दी है...

  • सफर की तारीख का चयन: मुख्य त्योहार वाले दिन ही सफर करने का प्रयास करें, क्योंकि उस दिन उड़ानों का किराया अक्सर कम होता है।
  • समय में लचीलापन: देर रात या तड़के सुबह की उड़ानों (Non-Peak Hours) को चुनें, जो दिन की उड़ानों की तुलना में सस्ती होती हैं।
  • वैकल्पिक हवाई अड्डे: सीधे रूट के बजाय गंतव्य के आसपास मौजूद अन्य नजदीकी एयरपोर्ट्स के लिए फ्लाइट टिकट बुक करने के विकल्प पर विचार करें।

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