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दिलशाद गार्डन में एक माह से पेयजल में मिलकर आ रहा सीवर का पानी, हादसे का इंतजार

Published: Thu, 26 Mar 2026 05:09 AM (IST)

पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन में पिछले एक माह से पीने के पानी में सीवर का दूषित पानी मिल रहा ...और पढ़ें

दिलशाद गार्डन में पेयजल में आ रहा सीवर का पानी।

दिलशाद गार्डन में पेयजल में आ रहा सीवर का पानी।

HighLights

  1. दिलशाद गार्डन में एक माह से दूषित पानी की आपूर्ति।

  2. पुरानी लाइनों के कारण सीवर का पानी पीने में मिल रहा।

  3. जल बोर्ड की लापरवाही से लोग बीमार, समाधान की मांग।

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। पिछले दिनों रघुबीर नगर में सीवरयुक्त पानी की सप्लाई से कई लोगों के बीमार होने के बाद भी दिल्ली जल बोर्ड की नींद नहीं टूटी है। दिलशाद गार्डन स्थित डी-पॉकेट में पिछले एक माह से दिल्ली जल बोर्ड के पीने के पानी में सीवर का दूषित पानी मिलकर आ रहा है।

पॉकेट में बने जल बोर्ड के चेंबर से ही दूषित पानी लोगों के घरों तक जा रहा है लेकिन अधिकारी आंखें मूंदे हैं। यहां 912 फ्लैट है, जिसमें करीब पांच हजार लोग रहते हैं। आरोप दूषित पानी को पीने से लोगों के पेट में दर्द हो रहा है, कई लोगों को उल्टियों की शिकायत भी हो चुकी है।

दूषित पानी की आपूर्ति से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का आरोप है दूषित पानी से वह बीमार हो रहे हैं और जल बोर्ड पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है। स्थानीय निवासी अमित कुमार ने कहा कि जिस तरह से इंदौर में दूषित पानी की वजह से कई लोगों की जान गई थी, उसी तरह का हादसा दिलशाद गार्डन में होने का जल बोर्ड इंतजार कर रहा है।

वर्षों पुरानी लाइन होने की वजह से जर्जर

जब से डीडीए ने पाकेट बनाया है, तब से यहां जल बोर्ड के पानी व सीवर लाइन न तो बदली गई और न ही मरम्मत हुई। वर्षों पुरानी लाइन होने की वजह से जर्जर हो गई है, जिससे पीने के पानी में सीवर लाइन मिल गई है। स्थानीय निवासी व आरडब्ल्यूए के पूर्व प्रधान विजय प्रसाद ने कहा कि एक माह से घरों में जल बोर्ड के दूषित पानी की सप्लाई हो रही है।

पानी इतना बदबूदार है कि इस पानी को पीना तो दूर घर के कार्यों में भी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसकी शिकायत उन्होंने जल बोर्ड, विधायक और पार्षद तक से की है। कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ। बुधवार को जल बोर्ड के कुछ कर्मचारी जांच के लिए आए थे।

जब उन्होंने पीने के पानी के चेंबर को जब खोला तो देखा उसमें सीवर का पानी भरा हुआ है। करीब डेढ़ फीट की दूरी पर ही सीवर की लाइन है। जल बोर्ड की टीम पानी का सैंपल लेकर चलती बनी। अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।

बजट में होना है नौ हजार करोड़ का आवंटन

जल बोर्ड पिछले कई दिनों कई बार यह दावे कर चुका है कि वह जल आपूर्ति को बेहतर बना रहा है। लेकिन धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। जल बोर्ड की लाइन पुरानी होने की वजह से जर्जर हो गई हैं, जिस वजह से सीवर का पानी उसमें मिलकर लोगों के घरों तक जा रहा है।मौजूदा दिल्ली सरकार के बजट में दिल्ली जल बोर्ड को नौ हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे सीवर व जल बोर्ड की लाइनों की स्थिति को बेहतर किया जाएगा।

दूषित पानी की शिकायत जल बोर्ड, सीएम कार्यालय से की गई है। आरडब्ल्यूए इस मुद्दे को जनप्रतिनिधियों के सामने उठा रही है। मांग की जा रही है पाकेट में वर्षों पुरानी पानी की लाइन को बदला जाए। दूषित पानी की समस्या का समाधान किया जाए। - मनीष सांकला, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए डी पॉकेट

इस संबंध में दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों से बात की जाएगी। दूषित पानी की आपूर्ति किसी भी रूप में स्वीकार नहीं है, यह लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है। - वीर सिंह धिंगान, विधायक सीमापुरी

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