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डीजीसीए का नया विंटर शेड्यूल, दिल्ली-मुंबई बनेंगे वैश्विक विमानन केंद्र, यात्रियों को मिलेगी राहत

Published: Mon, 26 Oct 2026 12:52 PM (IST)

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 25 अक्टूबर 2026 से 27 मार्च 2027 तक का नया विंटर शेड्यूल जारी किया है, ...और पढ़ें

डीजीसीए का नया विंटर शेड्यूल  ( एआई जेनरेटेड इमेज )

डीजीसीए का नया विंटर शेड्यूल ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. डीजीसीए ने 2026-27 के लिए नया विंटर शेड्यूल जारी किया।

  2. दिल्ली-मुंबई से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार, किराया नियंत्रण की उम्मीद।

  3. एयरलाइंस ने खाड़ी और दक्षिण-पूर्व एशिया पर ध्यान केंद्रित किया।

गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 25 अक्टूबर 2026 से 27 मार्च 2027 तक का नया विंटर शेड्यूल जारी कर दिया है।

इस बार इंडिगो, एअर इंडिया, आकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने विदेशी कंपनियों को कड़ी टक्कर देने के लिए अपने बेड़े की पूरी ताकत झोंक दी है।

अनियंत्रित हवाई किराए से जूझते यात्रियों के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि इसके तहत आइजीआई एयरपोर्ट को ग्लोबल एविएशन ब्रिज बनाने के साथ ही मुंबई को भी अंतरराष्ट्रीय मार्गों से सीधे जोड़ा गया है।

क्या होता है विंटर शेड्यूल

विंटर शेड्यूल केवल उड़ानों की सूची नहीं, बल्कि सर्दियों में मौसम, अंतरराष्ट्रीय डेलाइट सेविंग टाइम (सर्दियों और गर्मियों में दिन के उजाले का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए अपनी घड़ियों को एक घंटा आगे या पीछे करने की एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था) के अंत और दिवाली से लेकर न्यू ईयर व पोंगल जैसे पीक टूरिज्म सीजन के लिए तैयार पांच महीने का रोडमैप है।

इस दौरान पैसेंजर ट्रैफिक 25 से 30 प्रतिशत बढ़ जाता है, जिसे भुनाने और उड़ानों की समयबद्धता बनाए रखने के लिए एयरलाइंस नए रूट्स बनाकर आधुनिक विमान उतारती हैं।

आईजीआई एयरपोर्ट बना उड़ानों का गढ़

दिल्ली एयरपोर्ट इस शेड्यूल का मुख्य केंद्र है। इंडिगो ने यहां से बैंकाक, फुकेट, सिंगापुर, इस्तांबुल, जेद्दा, रियाद, दोहा और काठमांडू के लिए दैनिक व साप्ताहिक उड़ानों का जाल बिछाया है।

एअर इंडिया ने एयरबस ए350-900 और बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बेड़े से लंदन, पेरिस, फ्रैंकफर्ट, न्यूयार्क और सैन फ्रांसिस्को जैसे लंबी दूरी के रूट्स पर पकड़ मजबूत की है।

वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस व आकासा एयर ने खाड़ी देशों व दक्षिण-पूर्व एशिया की उड़ानों को री-शेड्यूल किया है। कोहरे से निपटने को प्रस्थान समय में तकनीकी समायोजन भी किया गया है।

मुंबई को भी खाड़ी देशों और पश्चिमी बाजारों के लिए मजबूत हब बनाते हुए इंडिगो और आकासा एयर ने जेद्दा, कुवैत, रियाद, अबू धाबी व फुकेट के लिए नए विमान तैनात किए हैं।

किस एयरलाइन का कितना विस्तार 

एयर इंडिया एक्सप्रेस: साप्ताहिक उड़ानें 3,150 से बढ़कर करीब 4,100 हुईं। कुल 585 दैनिक उड़ानों में 150 अंतरराष्ट्रीय हैं। नेटवर्क 83 से बढ़कर 100 से अधिक रूट्स का हुआ।

इंडिगो: खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए दिल्ली-मुंबई से उड़ानों की संख्या में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि।

एअर इंडिया: लंबी दूरी के रूट्स पर ए350-900 और बोइंग 787 की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर सीटों की उपलब्धता बढ़ाई।

अकासा एयर: संचालन क्षमता में 35 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ खाड़ी व घरेलू मार्गों का विस्तार किया।

दो बड़ी चुनौतियां

यूरोप की उड़ानों पर कैंची: एअर इंडिया ने परिचालन लागत और एयरस्पेस बदलावों का हवाला देते हुए दिल्ली-कोपेनहेगन, दिल्ली-विएना, दिल्ली-बर्मिंघम और अमृतसर-लंदन गैटविक जैसे सीधे रूट्स बंद कर दिए हैं या कटौती की है। इससे भारतीय यात्रियों को विदेशी एयरलाइंस के भरोसे कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेकर अधिक किराया चुकाना पड़ेगा।


खाड़ी देशों पर निर्भरता, लांगहाल कनेक्टिविटी कमजोर: विश्लेषकों का मानना है कि एयरलाइंस का विस्तार मुख्य रूप से खाड़ी देशों (दुबई, जेद्दा, रियाद) और दक्षिण-पूर्व एशिया (बैंकाक, फुकेट) तक सीमित है।

ए350 और ड्रीमलाइनर की तैनाती के बावजूद अमेरिका-यूरोप के लिए सीधी उड़ानें विदेशी दिग्गजों (एमिरेट्स, लुफ्थांसा आदि) की तुलना में कम हैं।

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