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दिल्ली में सस्ते घरों का बड़ा प्लान, मेट्रो-RRTS के पास बनेंगे 17 लाख फ्लैट; UER-2 के किनारे भी हाईराइज

Published: Wed, 14 Oct 2026 08:13 PM (IST)

दिल्ली में अगले 10 वर्षों में मेट्रो और रेल कॉरिडोर के आसपास 207 वर्ग किमी क्षेत्र में करीब 17 लाख किफायती आवासीय इकाइयां विकसित की जाएंगी।

दिल्ली में मेट्रो और यूईआर के किनारे बनेंगी हाईराइज बिल्डिंग। फोटो: एआई जनरेटेड

दिल्ली में मेट्रो और यूईआर के किनारे बनेंगी हाईराइज बिल्डिंग। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. टीओडी नीति से दिल्ली में आवास की कमी होगी पूरी

  2. अगले 10 वर्षों में 17 लाख आवासीय इकाइयां होंगी विकसित

  3. मेट्रो, रेल कॉरिडोर के पास 207 वर्ग किमी में विकास

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ती आबादी के लिए आवास की जरूरत पूरी करने के उद्देश्य से ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति को तेजी से लागू करने की तैयारी है।

एलजी तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नीति की प्रगति की समीक्षा की।

उन्होंने परियोजनाओं को तय समय -सीमा में पूरा करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और निर्माण कार्य के प्रत्येक चरण की सख्त निगरानी के भी निर्देश दिए।

TOD नीति के तहत मेट्रो और रेल कॉरिडोर के आसपास ऊंची इमारतों में आवास विकसित किए जा सकेंगे। DDA की योजना के अनुसार, अगले 10 वर्षों में इस नीति के तहत करीब 17 लाख आवासीय इकाइयां विकसित की जाएंगी।

इसका उद्देश्य दिल्ली में आवास की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ किफायती घरों की उपलब्धता बढ़ाना है।

207 वर्ग किमी क्षेत्र में विकास की योजना

TOD नीति के तहत मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 500 मीटर तक और क्षेत्रीय त्वरित परिवहन प्रणाली (RRTS) व रेलवे स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में विकास की योजना है।

इस तरह करीब 207 वर्ग किमी क्षेत्र में आवासीय और अन्य सुविधाओं के नियोजित विकास का रास्ता खुलेगा। इसमें किफायती आवास को प्राथमिकता दी जाएगी।

आवास की जरूरत को देखते हुए मास्टर प्लान-2027 में शहरी विस्तार मार्ग-दो (यूईआर-दो) के दोनों ओर 250 मीटर के दायरे में भी ऊंची आवासीय इमारतों के निर्माण को शामिल किया गया है।

समयबद्ध विकास पर जोर

एलजी ने कहा कि दिल्ली में बेहतर संपर्क व्यवस्था और जीवन स्तर सुधारने के लिए एकीकृत व टिकाऊ बुनियादी ढांचे की जरूरत है। उन्होंने लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया।

DDA ने जुलाई में TOD नीति के तहत विकासकर्ता कंपनियों से आवेदन आमंत्रित किए थे। अब नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्माण कार्य में तेजी लाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

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