दिल्ली के उत्तरी रिज में अब नहीं हो सकेगा निर्माण और उत्खनन, 277 एकड़ जमीन को आरक्षित वन बनाने की तैयारी
दिल्ली सरकार ने उत्तरी रिज की 277.56 एकड़ भूमि को वन क्षेत्र घोषित करने के लिए फेज-I नोटिफिकेशन को मंजूरी ...और पढ़ें

अरावली पर्वत श्रृंखला में शामिल उत्तरी रिज की 277.56 एकड़ जमीन अब वन क्षेत्र में शामिल हो जाएगी। एआई इमेज
HighLights
उत्तरी रिज की 277.56 एकड़ भूमि वन क्षेत्र घोषित।
निर्माण, उत्खनन जैसी गतिविधियां अब पूरी तरह प्रतिबंधित।
दिल्ली सरकार ने संरक्षण के लिए फेज-I नोटिफिकेशन को मंजूरी दी।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। अरावली पर्वत श्रृंखला में शामिल उत्तरी रिज की 277.56 एकड़ जमीन अब वन क्षेत्र में शामिल हो जाएगी। दिल्ली सरकार ने प्राकृतिक विरासत और हरित क्षेत्र को संरक्षित करने के लिए इंडियन फाॅरेस्ट एक्ट के तहत उत्तरी रिज के लिए फेज-I नोटिफिकेशन को स्वीकृति दे दी है। अब इसके आगे की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। वन क्षेत्र घोषित हो जाने से इस क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण, उत्खनन व अन्य मानवीय गतिविधियां भी प्रतिबंधित हो जाएंगी।
संरक्षण का आधार और मजबूत होगा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उत्तरी रिज दिल्ली की अमूल्य प्राकृतिक विरासत है और इसका संरक्षण शहर के पर्यावरणीय स्वास्थ्य के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
112.328 हेक्टेयर भूमि को आरक्षित वन घोषित करने के लिए फेज-I नोटिफिकेशन को मंजूरी देना दिल्ली के हरित क्षेत्रों को सुरक्षित रखने और राजधानी को अधिक स्वस्थ, हरित और पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति मजबूत बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इसे आरक्षित वन का कानूनी संरक्षण मिलने से इसके दीर्घकालिक संरक्षण का आधार और मजबूत होगा।
पूर्व सरकारों की तुलना में आरक्षित वन क्षेत्र में बड़ा विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में वन क्षेत्रों को कानूनी संरक्षण देने की दिशा में वर्तमान सरकार ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। इसके तहत...
- पिछली सरकारों के दौरान मात्र 96.16 हेक्टेयर (237.611 एकड़) भूमि को आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 5,267.009 हेक्टेयर (13,014.77 एकड़) क्षेत्र को अधिसूचित किया जा चुका है।
- अब उत्तरी रिज की 112.328 हेक्टेयर भूमि अधिसूचित होने के बाद कुल क्षेत्र 5,363.169 हेक्टेयर यानी लगभग 13,252.390 एकड़ हो जाएगा।
- इसी व्यापक संरक्षण अभियान की कड़ी में दिल्ली सरकार ने पिछले माह भी दक्षिणी रिज की करीब 1,000 एकड़ (400 हेक्टेयर) अतिरिक्त भूमि को भी आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित करने की स्वीकृति दी थी।
अगले चरण में सीमांकन, पर्यावास प्रबंधन और जनभागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरी रिज के संरक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। अगले चरण में क्षेत्र के सीमांकन, पर्यावास प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े उपाय किए जाएंगे। इससे उत्तरी रिज के संरक्षण को और मजबूत करने के साथ-साथ दिल्ली के हरित फेफड़ों और पारिस्थितिक केंद्र के रूप में इसकी भूमिका को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
