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दिल्ली में पहली बार बस अड्डों पर भी खुलेंगे PUC सेंटर, आनंद विहार और सराय काले खां समेत 5 जगह तैयारी

Published: Fri, 02 Oct 2026 08:05 PM (IST)

दिल्ली सरकार प्रदूषण जांच (पीयूसी) केंद्रों का विस्तार कर रही है, जिसमें पहली बार अंतरराज्यीय बस अड्डों पर भी केंद्र ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

HighLights

  1. दिल्ली सरकार अंतरराज्यीय बस अड्डों पर नए प्रदूषण जांच केंद्र खोलेगी।

  2. आनंद विहार, सराय काले खां समेत पांच जगह बहु-लेन केंद्र बनेंगे।

  3. 6.46 करोड़ की लागत से 90 दिन में बनेंगे नए केंद्र।

वी के शुक्ला, नई दिल्ली। राजधानी में वाहनों की प्रदूषण जांच की सुविधा बढ़ाने के लिए अब दिल्ली सरकार भी प्रदूषण जांच (पीयूसी) सेंटर खोलने की तैयारी में है। पहली बार है कि अंतरराज्यीय बस अड्डों पर भी पीयूसी सेंटर खोले जा सकेंगे। इससे बड़ा लाभ दूसरे राज्यों की दिल्ली आने वाली उन बसाें के चालक भी उठा सकेंगे जो कई बार प्रदूषण प्रमाणपत्र के बिना ही दिल्ली में प्रवेश कर जाते हैं।

सरकार पायलट प्रोजेक्ट के तहत आनंद विहार, सराय काले खां अंतरराज्यीय बस अड्डों के साथ बुराड़ी, छतरपुर और द्वारका में भी बहु-लेन प्रदूषण जांच सेंटर बनाने जा रही है। ये ऐसे सेंटर होंगे जहां एक बार में कई-कई वाहनों की प्रदूषण की जांच की जा सकेगी और उनके प्रमाणपत्र जारी हो सकेंगे।

6.46 करोड़ की लागत और 90 दिन लक्ष्य 

इनके लिए जारी टेंडर के अनुसार इन पर कुल करीब 6.46 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कार्य 90 दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आनंद विहार और सराय काले खां के लिए जारी निविदा की अनुमानित लागत 2,07,79,457 रुपये है।

इसके तहत आनंद विहार में पांच लेन और सराय काले खां में तीन लेन बनाने का प्रविधान किया गया है। वहीं, बुराड़ी स्थित वाहन निरीक्षण इकाई, छतरपुर पहाड़ी की 100 फुट सड़क और द्वारका जिला परिवहन कार्यालय में भी बहु-लेन प्रदूषण जांच केंद्र बनाए जाएंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत 4,38,03,848 रुपये है।

सूत्रों की मानें तो सरकार प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बनाने के मामले में अपनी दखल बढ़ाना चाहती है और अगले तीन साल में 100 से अधिक ऐसे सेंटर खोले जा सकते हैं। दिल्ली में अभी करीब 1000 पीयूसीसी सेंटर हैं इनमें से करीब 500 पेट्रोल व सीएनजी स्टेशनाें पर हैं।

हालांकि पीयूसी प्रमाणपत्र बनवाने की गति धीमी रही है। सरकार की सख्ती के असर को देखते हुए सितंबर पीयूसीसी की संख्या कुछ बढ़ी है, मगर पिछले साल की तुलना में जनवरी से लेकर सितंबर में अभी भी तीन लाख की कमी रही है।

महीनों के हिसाब से आंकड़े

माह 2026 2025
जनवरी 5,19,906 4,38,925
फरवरी 3,15,440 3,31,874
मार्च 3,12,171 3,85,679
अप्रैल 3,09,702 3,54,119
मई 2,63,354 3,57,145
जून 3,58,583 4,08,667
जुलाई 3,44,481 3,95,281
अगस्त 2,91,600 3,38,307
सितंबर 3,78,072 3,71,242
कुल 30,93,409 33,81,239