दिल्ली मतदाता सूची सुधार: 18 और 25 अक्टूबर को खास शिविर; बिना दफ्तर जाए ऐसे ठीक कराएं अपनी एंट्री
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान 33 लाख एंट्री में गड़बड़ी मिली, जिनमें से 20 लाख का समाधान हो चुका है।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
दिल्ली में 33 लाख मतदाता एंट्री में गड़बड़ी मिली।
20 लाख मामलों का समाधान हो चुका है, शेष प्रक्रिया जारी।
18 और 25 अक्टूबर को विशेष शिविर लगेंगे, अंतिम सूची 4 दिसंबर को।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान करीब 33 लाख मतदाताओं की एंट्री में गड़बड़ी के कारण नोटिस जारी किया गया था। इनमें से लगभग 20 लाख मामलों में दस्तावेजों की जांच पूरी कर मामले का समाधान कर दिया गया है।
शेष का समाधान भी शीघ्र कर लिया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अनुसार एसआईआर के दौरान आवेदन में दिए गए विवरण में मिली गड़बड़ियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं होगा।
सीईओ कार्यालय के अनुसार करीब 13.79 लाख मतदाता वर्ष 2002 की मतदाता सूची से अपने नाम की मैपिंग नहीं कर पाए थे, जबकि 19.33 लाख के आवेदन पत्रों में गड़बड़ी मिलने पर नोटिस जारी किए गए थे। बूथ स्तर के अधिकारी मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज ले रहे हैं। इसके लिए लोगों को चुनाव आयोग के कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं है।
लगाए जा रहे विशेष शिविर
ड्राफ्ट मतदाता सूची से छूटे योग्य लोगों के नाम जोड़ने के लिए भी विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। रविवार को भी सभी मतदान केंद्रों पर शिविर लगाए गए। 18 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को भी विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र मतदाता फार्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
बेघर हुए परिवारों और ट्रांसजेंडर मतदाताओं के पंजीकरण के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 14,947 बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ), 902 असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन आफिसर, 70 इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन आफिसर और 13 जिला निर्वाचन अधिकारी तैनात हैं।
सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची चार दिसंबर को जारी होगी।
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