रोहिणी में दर्दनाक हादसा, DDA की खाली जमीन पर हुए जलभराव में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत
बाहरी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-41 में डीडीए की खाली जमीन पर जलभराव में डूबने से सात और नौ साल के ...और पढ़ें

पुलिस दोनों सगे भाइयों को खोज रही है।
HighLights
रोहिणी में डीडीए जमीन पर जलभराव में डूबे दो भाई
सात वर्षीय नागराज और नौ वर्षीय ऋषि की मौत हुई
स्थानीय लोगों ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। प्रेमनगर थाना अंतर्गत रोहिणी सेक्टर-41 के समीप डीडीए की खाली जमीन पर जलभराव में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई।
सात वर्षीय नागराज उर्फ सावन और नौ वर्षीय ऋषि आठ अक्टूबर को करण विहार पार्ट-एक स्थित अपने घर के बाहर खेलते समय लापता हो गए थे।
स्वजन ने उसी शाम अमन विहार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इलाके में तलाश की, लेकिन दोनों का पता नहीं चला।
अगले दिन शुक्रवार सुबह एक बच्चे का शव मिलने के बाद दूसरे भाई की भी तलाश शुरू हुई। शाम को उसका शव भी बरामद कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक रोहिणी के सूखी नहर के पास खाली प्लाट में पानी भरा हुआ है।
शुक्रवार सुबह एक राहगीर ने पानी में बच्चे का शव तैरता देखा और पुलिस को सूचना दी। प्रेम नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान बच्चे के डूबने की आशंका सामने आई।
जांच में पता चला कि नागराज और ऋषि चार-पांच अन्य बच्चों के साथ वहां नहाने गए थे। दोनों भाई गहरे पानी में चले गए, जबकि उनके साथ आए बच्चे वहां से वापस लौट गए। उन्होंने इस बारे में किसी को जानकारी नहीं दी थी।
शाम को दूसरे भाई का शव भी बरामद कर लिया गया। चूंकि गुमशुदगी का मामला अमन विहार थाने में दर्ज था, इसलिए आगे की जांच अमन विहार थाना पुलिस कर रही है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला परिवार करीब तीन महीने पहले करण विहार में रहने आया था। पिता मनोज मजदूरी करते हैं। परिवार में उनकी पत्नी व दो बेटियां है।
मौत से मातम पसरा, सुरक्षा इंतजाम पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव वाली जगह पर लोग अक्सर नहाने और मछली पकड़ने आते हैं। इसके बावजूद वहां न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ऐसे स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से हादसों का खतरा बना रहता है। दो बच्चों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलभराव वाले स्थानों की घेराबंदी कराने और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है।
