दिल्ली के संविदा बस चालकों के लिए बड़ा फैसला, बीमा से छुट्टी तक कई मुद्दों पर परिवहन मंत्री ने की बैठक
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने दिल्ली के संविदा बस चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए बस संचालक कंपनियों ...और पढ़ें

दिल्ली के परिवहन मंत्री डा पंकज सिंह। फाइल फोटो
HighLights
परिवहन मंत्री ने संविदा बस चालकों की समस्याओं पर बैठक की।
चालकों के स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना मुआवजा और अवकाश पर चर्चा हुई।
वेतन पर्ची, नियुक्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि पर भी जोर दिया गया।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में रियायत समझौते के तहत बसों के संचालन में लगे संविदा चालकों की समस्याओं के समाधान को लेकर परिवहन मंत्री डा पंकज सिंह ने शुक्रवार को बस संचालक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
बैठक में चालकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य व दुर्घटना बीमा, समय पर वेतन पर्ची और नियुक्ति पत्र देने, प्रदर्शन के आधार पर प्रोत्साहन राशि तथा साप्ताहिक और मासिक अवकाश समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में परिवहन मंत्री ने कहा कि बस चालकों की जायज समस्याओं का समाधान करने के साथ राजधानी में बस सेवाओं का निर्बाध संचालन भी सुनिश्चित करना जरूरी है।
संभावित उपायों पर विचार करने की संभावनाओं को कहा
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संचालक संस्थाओं से इन समस्याओं के समाधान के लिए लागू कानून और समझौतों के तहत संभावित उपायों पर विचार करने को कहा।
चालकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा तथा दुर्घटना की स्थिति में उचित बीमा और मुआवजा देने की व्यवस्था पर विशेष रूप से चर्चा हुई। इसके लिए एक समान व्यवस्था बनाने और चालकों को इसकी स्पष्ट जानकारी देने की संभावना भी तलाशने को कहा गया।
बैठक में चालकों को समय पर वेतन पर्ची और नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि रोजगार से जुड़े दस्तावेजों में पारदर्शिता बनी रहे।
वेतन से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा
प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए लिखित नियम बनाने की संभावना पर भी चर्चा हुई। अवकाश के संबंध में संबंधित संस्थाओं से कानून और समझौते के अनुसार साप्ताहिक अवकाश तथा महीने में करीब चार दिन का अवकाश देने की संभावना पर विचार करने को कहा गया।
साथ ही पर्याप्त संख्या में चालक उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए, ताकि बसों के संचालन पर इसका असर न पड़े।
बैठक में वेतन और न्यूनतम वेतन से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह विषय सक्षम अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आता है और लागू प्रावधानों के अनुसार इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
