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दिल्ली में एंट्री करते ही रडार पर होंगी 8 लाख गाड़ियां, प्रदूषण नियंत्रण के लिए ट्रैफिक पुलिस का प्लान तैयार

Published: Fri, 30 Oct 2026 08:31 PM (IST)

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने प्रदूषण और जाम की समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है, ...और पढ़ें

दिल्ली बॉर्डर पर ही रोक लिए जाएंगे प्रदूषण फैलाने वाले वाहन। फोटो: आर्काइव

दिल्ली बॉर्डर पर ही रोक लिए जाएंगे प्रदूषण फैलाने वाले वाहन। फोटो: आर्काइव

मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। राजधानी में प्रदूषण और जाम की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब बॉर्डर से ही वाहनों की निगरानी मजबूत करने की तैयारी में है।

दूसरे शहरों से दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहन भी पुलिस के रडार पर होंगे, ताकि प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जा सके।

रोजाना करीब आठ लाख बाहरी वाहनों की आवाजाही और हर साल 11 लाख नए वाहनों के सड़कों पर बढ़ते दबाव के बीच यातायात पुलिस ने प्रदूषण नियंत्रण से लेकर जाम मुक्त यातायात तक के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है।

यातायात के विशेष पुलिस आयुक्त अजय चौधरी के नेतृत्व में तैयार इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बनाए रखना और यातायात व्यवस्था को सुचारु करना है।

खराब वाहन आधे घंटे में हटाने का लक्ष्य

ट्रैफिक पुलिस ने प्रमुख कॉरिडोर पर खराब होने वाले वाहनों को 30 मिनट के भीतर सड़क से हटाने का लक्ष्य रखा है। अक्सर व्यस्त मार्गों पर किसी वाहन के खराब होने से लंबा जाम लग जाता है और आसपास की सड़कों पर भी यातायात प्रभावित होता है।

पहले ऐसी स्थिति में यातायात सामान्य होने में एक घंटे से अधिक समय लग जाता था। अब क्रेन और अन्य संसाधनों की मदद से जल्द से जल्द सड़क खाली कराने पर जोर है।

इसके साथ ही अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। नियम तोड़ने वाले वाहनों की क्लैंपिंग, टोइंग और इंपाउंड करने की कार्रवाई भी की जा रही है।

रॉन्ग साइट चलने पर कीं 4000 FIR

सड़क हादसों और जाम की प्रमुख वजहों में शामिल रांग साइड ड्राइविंग के खिलाफ भी सख्ती की जा रही है। ऐसे मामलों में अब तक करीब चार हजार FIR दर्ज की गई हैं।

तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई जारी है। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पान्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ 4,50,673 चालान किए गए हैं।

दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वालों के हेलमेट नहीं पहनने पर 12,70,259 चालान, जबकि सीट बेल्ट नहीं लगाने पर 54,781 चालान किए गए हैं।

इन कॉरिडोर पर विशेष नजर

धौला कुआं, एम्स, आश्रम और आइटीओ के आसपास रिंग रोड पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। मुकरबा चौक, आईआईटी गेट और चिराग दिल्ली के पास आउटर रिंग रोड पर भी जाम की समस्या बनी रहती है।

विकास मार्ग, मथुरा रोड, एनएच-48 और महरौली-गुरुग्राम रोड पर यातायात सुचारु रखने के लिए बाधाओं को तत्काल दूर करने की रणनीति बनाई गई है।

खराब ट्रैफिक सिग्नल, सड़क निर्माण और अचानक होने वाले डायवर्जन से निपटने के लिए नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा।

अतिक्रमण और ई-रिक्शा पर भी नियंत्रण

फुटपाथ पर अतिक्रमण और दुकानों के बाहर सड़क तक फैले सामान से यातायात प्रभावित होता है। फुटपाथ खाली कराने के साथ प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शा के अनियंत्रित संचालन पर भी रोक लगाने की योजना है।

निर्धारित नियमों के तहत ही इन्हें चलने की अनुमति होगी। त्योहारों, धार्मिक जुलूसों, शादी समारोहों और बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले से ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा।

पुलिस का मानना है कि स्थायी सुधार के लिए कार्रवाई के साथ लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है।

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