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दिल्ली के व्यापारियों की चेतावनी, प्रदर्शनों से भारी नुकसान, भैया दूज तक नहीं रुके तो सौंप देंगे दुकानों की चाबी

Published: Wed, 04 Nov 2026 06:13 AM (IST)

दिल्ली के व्यापारी लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शनों से व्यापार में भारी नुकसान से नाराज हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ...और पढ़ें

दिल्ली के व्यापारियों की चेतावनी ( एआई जेनरेटेड इमेज )

दिल्ली के व्यापारियों की चेतावनी ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. व्यापारी लगातार धरना-प्रदर्शनों से व्यापार में नुकसान से नाराज।

  2. सीटीआइ की चेतावनी: भैया दूज तक प्रदर्शन न रुकने पर सौंपेंगे चाबियां।

  3. धरनों और रैलियों से दिल्ली के व्यापार को 14 हजार करोड़ का नुकसान।

नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। जुलाई से लेकर अक्टूबर तक लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शनों और रैलियों के कारण व्यापार में हो रहे नुकसान से नाराज दिल्ली के व्यापारियों ने खुलकर विरोध जताने का मन बना लिया है।

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआइ) ने चेतावनी दी है कि यदि 11 नवंबर भैया दूज तक रैलियों और प्रदर्शनों पर रोक नहीं लगाई गई, तो व्यापारी अपनी दुकानों की चाबियां प्रदर्शन आयोजकों को सौंप देंगे। साथ ही रैलियों के लिए बुराड़ी, अलीपुर या यमुना खादर जैसे वैकल्पिक स्थलों का उपयोग करने का आग्रह किया है।

किसी भी रैली या विरोध मार्च की अनुमति नहीं

सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मांग की है कि त्योहारों के इस मौसम में कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, रामलीला मैदान, इंडिया गेट, राजघाट और मध्य व पुरानी दिल्ली में किसी भी रैली या विरोध मार्च की अनुमति न दी जाए।

सीटीआई का दावा है कि बीते एक महीने (एक अक्टूबर से एक नवंबर) के दौरान धरनों और रैलियों के चलते दिल्ली के व्यापार को 14 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान झेलना पड़ा है।

11 हजार करोड़ का चक्का जाम

बृजेश गोयल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि एक से 30 अक्टूबर के बीच जंतर-मंतर और सीपी के आसपास रोजाना के जाम से तीन हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं, एक नवंबर को रामलीला मैदान में हुई महारैली के कारण अकेले एक दिन में 11 हजार करोड़ रुपये का चक्का जाम हो गया।

इस महारैली की वजह से चांदनी चौक, सदर बाजार, करोलबाग और सीपी समेत करीब 2.5 लाख दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, जिससे 8,800 करोड़ रुपये का खुदरा व थोक व्यापार ठप हो गया।

इसके अलावा ट्रांसपोर्ट को 1,500 करोड़, होटल व सेवा क्षेत्र को 500 करोड़ और दिहाड़ी मजदूरों को 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जबकि छह नवंबर से 11 नवंबर तक धनतेरस दीपावली और भैया दूज साल की सबसे बड़ी कमाई का वक्त है। ऐसे में यदि अब भी प्रदर्शन जारी रहे, तो दिल्ली के 20 लाख व्यापारियों का सालभर का बजट बिगड़ जाएगा।

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