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कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली से बढ़ी व्यापारियों की चिंता, ₹10,000 करोड़ के नुकसान का डर; ऑनलाइन याचिका शुरू

Published: Sun, 25 Oct 2026 06:40 PM (IST)

दिल्ली में कांग्रेस पार्टी द्वारा 1 नवंबर को महारैली आयोजित की गई है। इस प्रदर्शन से कारोबारियों को नुकसान का ...और पढ़ें

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, जागरण आर्काइव।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, जागरण आर्काइव।

HighLights

  1. व्यापारी कांग्रेस की महारैली से दिवाली कारोबार को लेकर चिंतित।

  2. 10 हजार करोड़ के नुकसान की आशंका, ऑनलाइन याचिका शुरू।

  3. राहुल गांधी से रैली स्थगित करने या स्थान बदलने की अपील।

नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। दिल्ली में अभिव्यक्ति की आजादी व आजीविका के अधिकार पर बहस तेज हो गई है। विशेषकर नवरात्र में धरना-प्रदर्शनों व हंगामें से तीन हजार करोड़ गंवाने वाले दिल्ली के बाजारों की चिंता अब कांग्रेस पार्टी की एक नवंबर की महारैली ने बढ़ा दी है।

जिससे व्यापारी दीपावली पर्व के कारोबार में करीब 10 हजार करोड़ के नुकसान का अंदेशा जता रहे हैं। दिल्ली की पहचान देश के प्रमुख कारोबारी हब के तौर पर भी है।

अपील के बाद ऑनलाइन पीटिशन

ऐसे में बाजार तथा कारोबारी संगठन अपील और आग्रह पत्रों के बाद अब हस्ताक्षर अभियान और ऑनलाइन पीटिशन तक बढ़ गए हैं। ताकि, हिंदुओं के सबसे बड़े और घर से लेकर बाजार तक गुलजार करने वाले दीपावली पर्व से पहले ही बाजारों को दिवाला निकलने से बचाया जा सके।

इस मांग को जनसमर्थन दिलाने के लिए दिल्ली के अनेक व्यापारिक संगठनों संयुक्त रूप से रविवार से आनलाइन याचिका शुरू की है। जबकि, कैट ने सोमवार को व्यापारिक नेताओं की वर्चुअल बैठक भी बुलाई है, जिसमें दिल्ली के सभी हिस्सों के व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेकर इस समस्या के समाधान और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।

एक लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना

कैट का यह अभियान तब है जब कांग्रेस पार्टी की महारैली के ठीक एक हफ्ते बाद ही दीपावली पर्व है। महारैली में एक लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा है।

कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुमित अग्रवाल, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विपिन आहूजा, प्रदेश महासचिव आशीष ग्रोवर, चांदनी चौक ट्रेडर्स परिषद के अध्यक्ष सुरेश बिंदल, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव, खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा व किराना कमेटी के अध्यक्ष गंगा बिशन गुप्ता ने संयुक्त बयान जारी किया।

प्रदर्शनों के कारण बाजार प्रभावित

उन्होंने कहा कि लगातार होने वाले प्रदर्शनों से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही, माल की ढुलाई, परिवहन और दैनिक व्यापार प्रभावित होता है। उसका सबसे अधिक खामियाजा छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य सेवा प्रदाताओं को भुगतना पड़ रहा है, जिनकी रोजाना की आय पर उनके परिवार निर्भर हैं।

दिल्ली की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार व्यापार, थोक व खुदरा बाजार, परिवहन, लाजिस्टिक्स और सेवाएं हैं। इसलिए दिल्ली के व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों में व्यवधान का असर केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि देशभर में माल की आपूर्ति और उससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।

रोजगार कमाने का अधिकार

व्यापारिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे विरोध-प्रदर्शनों के विरोध में नहीं, लेकिन उसके नाम पर दूसरों की रोजी-रोटी प्रभावित नहीं होना चाहिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण व्यापार करने, रोजगार कमाने और आजीविका चलाने का अधिकार भी है।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि दिल्ली के बाहरी क्षेत्रों में पर्याप्त परिवहन, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं से युक्त स्थायी प्रदर्शन स्थल निर्धारित किए जाएं।

दीवाली के बाद आयोजित करने की अपील

वहीं, फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अपील करते हैं कि व्यापारियों की पीड़ा को समझते हुए कार्यक्रम को स्थगित करने, दीवाली के बाद आयोजित करने अथवा किसी वैकल्पिक स्थान पर करने पर विचार करने का आग्रह किया है।

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