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राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ाएंगे दिल्ली के व्यापारी, पत्र लिखकर दी बड़ी चेतावनी

Published: Thu, 05 Nov 2026 09:37 AM (IST)

त्योहारी सीजन में दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों से व्यापार प्रभावित होने पर व्यापारी वर्ग आक्रोशित है। कैट ने राहुल गांधी ...और पढ़ें

राहुल गांधी।

राहुल गांधी।

HighLights

  1. दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों से व्यापारिक नुकसान पर आक्रोश।

  2. कैट ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर जवाबदेही तय की।

  3. दीपावली बाद 'धिक्कार दिवस' मनाने की घोषणा की।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एसआईआर के मुद्दे पर राजनीतिक बढ़त लेने की सोच रही कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें अब व्यापारी वर्ग बढ़ाने वाला है।

त्योहारी सीजन के बीच राजनीतिक प्रदर्शनों और रैलियों के कारण दिल्ली के व्यापारिक ढांचे पर पड़े गंभीर असर से व्यापारी वर्ग में आक्रोश की लहर फैल गई है।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक कड़ा पत्र भेजकर दिल्ली की आर्थिक गतिविधियों को बाधित करने के लिए उन्हें राजनीतिक और नैतिक रूप से जवाबदेह ठहराया है।

कैट ने चेतावनी दी है कि दीपावली के तुरंत बाद देश भर के व्यापारी नेता नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय बैठक आयोजित कर रणनीति तय करेंगे और जल्द ही देश भर में “धिक्कार दिवस” मनाने की तिथि की घोषणा करेंगे।

'प्रदर्शन का अधिकार आजीविका छीनने का लाइसेंस नहीं'

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नवंबर को कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा आयोजित रैली और पिछले एक महीने से चल रहे विभिन्न धरना-प्रदर्शनों से दिल्ली के ऐतिहासिक बाजारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

भरतिया ने हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी एक ओर जनता से स्थानीय बाजारों से खरीदारी की अपील करते हैं और दूसरी ओर ऐसे प्रदर्शनों का समर्थन करते हैं जिनसे ग्राहक उन बाजारों तक पहुंच ही न पाएं। यह दोहरा रवैया छोटे व्यापारियों, पटरी वालों और कामगारों की आजीविका पर सीधा हमला है।

संवैधानिक प्रविधानों पर जोर देते हुए कैट ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 19(1)(ए) अभिव्यक्ति की आजादी देता है, तो अनुच्छेद 19(1)(जी) हर नागरिक को व्यापार और आजीविका कमाने का मौलिक अधिकार भी प्रदान करता है। किसी भी राजनीतिक दल को अपने शक्ति प्रदर्शन के लिए दूसरों की रोजी-रोटी को बलि चढ़ाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

कैट द्वारा राहुल गांधी से पूछे गए पांच गंभीर सवाल

  • क्या राजनीतिक प्रदर्शन करने का अधिकार आम नागरिक के व्यापार करने और आजीविका कमाने के अधिकार से बड़ा है?
  • राष्ट्रीय राजधानी के व्यापार को बंधक बनाना किस हद तक उचित है, और प्रभावित व्यापारियों के आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
  • जब आप खुद स्थानीय बाजारों से खरीदारी की अपील करते हैं, तो उन्हीं बाजारों का रास्ता रोकने वाले प्रदर्शनों का समर्थन कैसे कर सकते हैं?
  • क्या कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दल उन प्रदर्शनों से हुए आर्थिक नुकसान की सीधी जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे?
  • यदि ऐसे लंबे प्रदर्शनों से स्वयं राहुल गांधी के व्यापार या दैनिक आजीविका पर असर पड़ता, तो क्या वे इसे स्वीकार करते?

दीपावली बाद नई दिल्ली में होगी राष्ट्रीय बैठक

कैट ने चेतावनी दी है कि दिल्ली देश का प्रमुख व्यापारिक और वित्तीय केंद्र है। यदि राजधानी में व्यापार को इस तरह निशाना बनाया जाएगा तो यह पूरे देश के लिए एक खतरनाक परंपरा बन जाएगी। कैट ने उपराज्यपाल को भी पत्र लिखकर दिल्ली में प्रदर्शनों के लिए शहर के बाहरी इलाकों में अलग स्थान निर्धारित करने की मांग की है।

व्यापारी संगठन ने साफ किया है कि वे राहुल गांधी के जवाब का इंतजार करेंगे। दीपावली पर्व के समापन के बाद देश भर के प्रमुख व्यापारी प्रतिनिधि दिल्ली में जुटेंगे, जहां धिक्कार दिवस की तारीख और आगामी आंदोलन की रूपरेखा अंतिम रूप से तय की जाएगी।

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