दिल्ली में आज कई व्यापारी मनाएंगे 'No UPI Day', QR कोड और साउंड बॉक्स पर डाला जाएगा काला कपड़ा
दिल्ली के व्यापारी 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लगाने के विरोध में 'नो यूपीआई डे' मनाएंगे। इस दौरान वे क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढकेंगे।

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने दावा किया है कि वे दो अक्टूबर को नो यूपीआई डे मनाएंगे।
HighLights
2000 रुपये से अधिक यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लगाने का विरोध।
व्यापारी क्यूआर कोड, स्कैनर, साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढकेंगे।
ग्राहक केवल नकद लेनदेन करेंगे; कई व्यापारिक संगठनों ने समर्थन किया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दो हजार रुपये से अधिक यूपीआई भुगतान पर 15 अक्टूबर से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने के विरोध में दिल्ली के कई दुकानदार नो यूपीआई डे मनाएंगे। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने दावा किया है कि उसके इस आह्वान को दिल्ली के 100 से अधिक व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों का साथ मिला है।
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि विरोध स्वरूप व्यापारी दुकानों में लगे क्यूआर कोड, स्कैनर और साउंड बाक्स को काले कपड़े से ढकेंगे तथा ग्राहकों से केवल नकद लेनदेन करेंगे। दिल्ली व्यापार महासंघ ने भी नो यूपीआई डे का समर्थन किया है। महासंघ अध्यक्ष देवराज बवेजा ने कहा कि यह व्यापारियों के हित में नहीं है। एमडीआर से यूपीआई लेनदेन में 50 प्रतिशत की गिरावट संभव है।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (बीयूवीएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने जारी बयान में एमडीआर को व्यापारी विरोधी बताते हुए वित्तमंत्री से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की है। बीयूवीएम के राष्ट्रीय महामंत्री हेमंत गुप्ता ने कहा कि उनके संगठन से जुड़े व्यापारी दो अक्टूबर को नो यूपीआई डे मनाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे।
