Exclusive: दिल्ली में छठे मेयर चुनाव को मंजूरी, अप्रैल 2027 में चुना जाएगा; क्या वाही को फिर मौका मिलेगा?
दिल्ली में छठे महापौर के चुनाव को लेकर चल रही ऊहापोह खत्म हो गई है, एमसीडी के विधि विभाग ने ...और पढ़ें

अगले साल अप्रैल में चुना जाएगा दिल्ली का नया मेयर। फोटो: आर्काइव
HighLights
छठे महापौर चुनाव को विधि विभाग ने दी हरी झंडी।
अप्रैल 2027 में दिल्ली में होगा महापौर चुनाव।
दिसंबर 2027-जनवरी 2028 में निगम के आम चुनाव।
निहाल सिंह, नई दिल्ली। वर्ष 2023 से शुरू हुए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पार्षदों के पांच वर्ष के कार्यकाल में पांच की बजाय छठे महापौर चुनाव को लेकर चल रही ऊहापोह खत्म हो गई है।
एमसीडी के विधि विभाग ने इसको लेकर निगम को हरी झंडी दे दी है। यानी अब अप्रैल 2027 में महापौर व उपमहापौर के चुनने की प्रक्रिया होगी।
इसके बाद वार्ड समिति से लेकर स्थायी समिति और अन्य समितियों के चुनाव हो सकेंगे। साथ ही निगम के आम चुनाव अब दिसंबर 2027 से लेकर जनवरी 2028 के बीच होने की संभावना है।
अप्रैल 2027 में होगा छठे महापौर का चुनाव
दरअसल, अप्रैल 2026 में प्रवेश वाही के तौर पर पांचवें महापौर का चुनाव हो चुका है। निगम का कार्यकाल फरवरी 2028 तक है। ऐसे में पांच वर्षीय निगम के इस कार्यकाल में छठे महापौर के चुनाव को लेकर निगम सचिव कार्यालय में ऊहापोह की स्थिति में था।
क्योंकि निगम के सामने यह भी चुनौती थी कि वह छठे महापौर का चुनाव कराए या नहीं। क्योंकि पूर्व में अभी तक ऐसी स्थिति नहीं आई है कि पंचवर्षीय कार्यकाल में बिना किसी महापौर के इस्तीफे के छठे महापौर का चुनाव कराया जाए।
इसलिए निगम ने विधि विभाग से इसको लेकर राय मांगी थी। सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि विधि विभाग ने अगले महापौर का चुनाव कराने और गैर आरक्षित श्रेणी से इसे कराने की हरी झंडी दे दी है।
इसके बाद अब निगम 2027 में महापौर और उपमहापौर का चुनाव करा सकेगा। कोई भी पार्षद चाहे महिला हो या फिर पुरुष या अनुसूचित जाति का हो, वह नामांकन कर सकेगा।
फरवरी 2023 में महापौर निर्वाचन से आई स्थिति
पूर्वकालिक तीनों निगम के एकीकरण के बाद एमसीडी का आम चुनाव दिसंबर 2022 में हुआ था। इसमें आम आदमी पार्टी (आप) ने पूर्ण बहुमत प्राप्त करते हुए सरकार बनाई थी।
लेकिन, हुआ यूं कि छह जनवरी 2023 को निगम सदन की पहली बैठक हुई। लेकिन, हंगामे के कारण यह बैठक नहीं हो सकी। ऐसे ही तीन प्रयासों में यह बैठक नहीं हुई।
23 फरवरी 2023 को यह बैठक हुई और इसी में महापौर के तौर पर शैली ओबेराय का चुनाव हुआ। इसके बाद एमसीडी एक्ट के अनुसार अप्रैल 2023 में ही दूसरे वर्ष के महापौर का चुनाव हुआ। इस प्रकार से अप्रैल 2026 तक पांच महापौर का चुनाव हो चुका है।
सिर्फ पहले और तीसरे वर्ष आरक्षण
निगम में हर वर्ष महापौर चुनाव का प्रावधान है। एमसीडी एक्ट की धारा 35 (1) के तहत आम चुनाव के बाद शुरू होने वाले निगम के पांच वर्ष के कार्यकाल में आरक्षण पहले और तीसरे वर्ष के लिए ही है।
इसमें पहले वर्ष में यह पद महिला पार्षद के लिए आरक्षित है जबकि तीसरे वर्ष के लिए यह पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। एमसीडी विशेषज्ञों के अनुसार चूंकि आरक्षण में पहले और तीसरे वर्ष के लिए ही इसलिए अन्य वर्षों में सामान्य श्रेणी या आरक्षित श्रेणी के पार्षद महापौर के लिए नामांकन कर सकते हैं।
प्रवेश वाही को फिर मौका मिलने की उम्मीद
निगम पांच वर्ष के कार्यकाल में छठे महापौर के लिए वर्तमान महापौर को ही फिर से मौका मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि चूंकि अगले वर्ष चुनाव साल होगा। ऐसे में कई चुनौतियां होंगी।
नए किसी व्यक्ति को मौका देने पर स्थितियों को समझने में समय लग जाएगा। इसलिए वर्तमान महापौर को ही पुनः मौका मिलने की पूरी संभावना है।
यह भी पढ़ें- दिल्ली में खुलेंगे 150 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 61 केंद्रों के लिए टेंडर जारी; घर के पास मिलेगा इलाज
