सीमापुरी बिल्डिंग हादसा: 'मैं जिंदा हूं... मुझे बचा लो', गुलाफ्शां की चीख-पुकार बयां कर रही हादसे का भयावह मंजर
दिल्ली के सीमापुरी में पांच मंजिला जर्जर इमारत गिरने से चार माह की गर्भवती गुलाफ्शां की दर्दनाक मौत हो गई। ...और पढ़ें
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दिल्ली सीमापुरी हादसा। जागरण
HighLights
पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी में पांच मंजिला जर्जर भवन ढह गया।
हादसे में चार माह की गर्भवती गुलाफ्शां की दर्दनाक मौत हुई।
गुलाफ्शां ने मलबे से "मैं जिंदा हूं, बचा लो" कहा था।
नितीश कुमार, पूर्वी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी के ई-ब्लॉक में पांच मंजिला जर्जर भवन ढहने के हादसे में चार माह की गर्भवती गुलाफ्शां की दर्दनाक मौत ने झकझोर कर रख दिया है।
हादसे के वक्त गुलाफ्शां अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ डी-ब्लॉक स्थित अपनी मां से मिलने आई थी, लेकिन भवन के अचानक मलबे में तब्दील होने से बाहर खड़ी गर्भवती भी चपेट में आ गई।
फोन पर लगाई थी गुहार
मलबे के नीचे दबी गुलाफ्शां काफी देर तक मोबाइल फोन के जरिए अपने पिता और बहन सबीना से मैं जिंदा हूं, बचा लो... कहकर गुहार लगाती रही, लेकिन जब तक बचाव दल उस तक पहुंच पाता, तब तक उसने दम तोड़ दिया।

मां से रह गई आखिरी मुलाकात
मां से उसकी यह मुलाकात आखिरी साबित हुई। बाहर सबीना कभी बचाव कर्मियों से बहन और उसके साथ दो और जिंदगियों को बचा लेने के लिए गुहार लगाती रही। उसके जिंदा होने के सबूत के तौर पर मोबाइल पर कॉल लाग दिखाती रही। उसने कहा कि उसकी बहन के पेट में बच्चा है और उसके साथ छोटी बच्ची भी है, उसे जल्दी बाहर निकाल लो।
वहीं, घटना के दौरान हसीना मलबे में दबी अपनी 56 वर्षीय मां हाजरा को निकालने के लिए बचावकर्मियों से अपील करती रही। सुरक्षा घेरा में लगे कर्मियों से आगे जाने देने की गुहार के साथ यह कहती रही कि मेरी मां इसी मलबे के नीचे दबी है।

हसीना ने बताया कि इसी के पीछे के मकान में उसकी मां रहती थी। घटना के वक्त वह इसी गली से घर जा रही थीं, तभी मकान गिर गया।
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