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ट्रेन में मोबाइल-चार्जर भूल रहे यात्री, 5 महीने में 12 हजार से ज्यादा कॉल; भूलने वालों की संख्या 54% बढ़ी

Published: Tue, 27 Oct 2026 11:42 AM (IST)

ट्रेनों में सामान भूलने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, इस साल जनवरी से मई तक दिल्ली RPF को 12,232 शिकायतें मिलीं, जो पिछले साल से 54% अधिक है।

ट्रेनों में बढ़ रही सामान भूलने की घटनाएं (AI-Generated Image)

ट्रेनों में बढ़ रही सामान भूलने की घटनाएं (AI-Generated Image)

HighLights

  1. दिल्ली RPF को 54% अधिक सामान भूलने की शिकायतें मिलीं।

  2. यात्री सबसे ज्यादा मोबाइल और चार्जर ट्रेन में भूल रहे।

  3. RPF ने इस साल 3,157 भूले हुए सामान वापस लौटाए।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में लोग अपना ही सामान भूल जा रहे हैं। कोई सीट पर मोबाइल-चार्जर छोड़ देता है, तो कोई जूते, तो कोई टिफिन।

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के पास ऐसे ही भूले हुए सामान के लिए मदद मांगने वाले कॉल्स की बाढ़ आ गई है। RPF दिल्ली डिवीजन के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से मई के बीच कुल 12,232 लोगों ने अपने खोए या ट्रेन में छूटे सामान के लिए कॉल किया।

पिछले साल इसी दौरान 7,922 कॉल आई थीं। मतलब इस बार करीब 54% ज्यादा लोगों ने शिकायत की है।

सबसे ज्यादा क्या छूट रहा है?

लिस्ट में सबसे ऊपर है मोबाइल फोन और उसका चार्जर। इसके अलावा, लैपटॉप, जूते, बैग, चश्मा, ईयरफोन, टिफिन बॉक्स, पर्स और जरूरी कागजात भी लोग अक्सर भूल जाते हैं।

RPF के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लोग जल्दी में होते हैं या सामान संभालने में उलझे रहते हैं। कई बार 3-4 बैग वाले लोग कोच बदलते समय या उतरते समय कुछ सामान ऊपर की बर्थ पर ही छोड़ देते हैं।

कई लोग सफर में जूते निकालकर चप्पल पहन लेते हैं और उतरते वक्त जूते ही भूल जाते हैं। इसी तरह मोबाइल चार्ज पर लगाकर लोग चार्जर निकालना भूल जाते हैं।

RPF ने 3 हजार से ज्यादा सामान ढूंढकर लौटाए

अच्छी बात ये है कि सामान वापस भी मिल रहा है। इस साल 5 महीने में RPF ने 3,157 सामान ढूंढकर लौटाए हैं, जबकि पिछले साल 2,204 सामान लौटाए गए थे। इसमें करीब 43% का इजाफा हुआ है।

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(AI-Image)

सामान कैसे मिलता है वापस?

अगर आप सामान भूल जाते हैं तो 139 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें। इसके बाद स्टाफ तुरंत कोच अटेंडेंट से संपर्क करता है, CCTV फुटेज चेक की जाती है और RPF की टीम सीट और बर्थ पर जाकर सामान ढूंढती है। सामान मिलने पर यात्री को नजदीकी RPF पोस्ट से कलेक्ट करने के लिए कहा जाता है।

RPF के सीनियर कमिश्नर आशुतोष पांडेय ने बताया कि उनकी टीम 24 घंटे तैनात रहती है ताकि यात्रियों का सामान सुरक्षित वापस मिल सके।

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