नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह] दिल्ली दंगा मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बुधवार को कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अभिताभ रावत की कोर्ट में 15 आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर दिया है। दिल्ली दंगे की विस्तृत साजिश रचे जाने के मामले में यह आरोपपत्र दायर किया गया है। 15 आरोपितों को देशद्रोह, दंगा करने व हत्या समेत 23 से अधिक संगीन धाराओं में आरोपित बनाया गया है। आरोप पत्र में सेल ने आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त सुबूत होने का दावा किया है।

कुल 17 हजार पन्नों के आरोप पत्र में 747 गवाह बनाए गए हैं। पहले चरण की जांच करने में सेल को 195 दिन लगे। सुबूत के तौर पर 75 इलेक्ट्रानिक उपकरणों को रखा गया है। जिनमें 25 वाट्स एप ग्रुप, सीडीआर व सीसीटीवी आदि शामिल हैं। ये सभी सुबूत गवाहों के बयान से मैच खा रहे हैं।

हिंसा में 53 लोगों की हुई थी मौत

दंगे में 53 लोगों की मौत हो गई थी और 583 लोग घायल हो गए थे। दंगे में बड़े पैमाने पर सरकारी व निजी संपत्तियों का नुकसान हुआ था। करीब 20 करोड़ से अधिक का नुकसान होने की बात कही गई है। दंगे के दौरान 16 हजार पीसीआर कॉल प्राप्त हुए थे जिसके आधार पर जांच के बाद 751 मामले दर्ज किए गए। इनमें 59 मामले की जांच क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम ने की और 691 मामलों की जांच उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस द्वारा की गई। 6 मार्च को स्पेशल सेल ने दंगों के पीछे बड़ी साजिश रचे जाने के मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। उसी के तहत जांच करते हुए स्पेशल सेल अबतक 21 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस ने 12 पिस्टल, 121 खाली खोखे, 92 जिंदा कारतूस, 61 कांच की बोतलें जिसमें धातक रसायन व तेज धारदार वाले हथियारों का जखीरा बरामद किया।

कुछ नेताओ द्वारा लोगों की भावनाओं को उकसाकर दंगा करवाया गया। इसके लिए गलत भावना से एक खास समूह के बीच शत्रुता और घृणा फैलाई गई। यह सारे प्रयोजन खास कर एक सांप्रदाय के रहने वाले स्थान और संवेदनशील क्षेत्रों में किए गए। इस दौरान जामिया, न्यू फ्रेंड्स कालोनी, दरियागंज, खुरेजी और चांद बाग इलाके में सीएए के विरोध में विरोध प्रदर्शन चल रहा था। वहां दंगा फैलाकर हिंसा, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों का नुकसान और आगजनी की गई। शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसा के रूप में परिर्वतन एक षडयंत्र को दर्शाता है।

दंगों के लिए बनाए गए थे 25 वाट्स एप ग्रुप

आरोप पत्र में बताया गया है कि 24 फरवरी को विशेष तौर पर दंगे के लिए ही 25 वाट्स एप ग्रुप बनाए गए थे। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 25 जगहों पर सुनियोजित तरीके से धरने दिए गए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के भारत दौरे पर दंगे कराने का प्लान मुख्य तौर पर उमर खालिद, ताहिर हुसैन व खालिद सैफी कर रहे थे। इनके खिलाफ पर्याप्त सुबूत मिले हैं। खालिद ने सभी को भरोसा दिया था कि पीएफआइ के जरिए पूरी फंडिंग की जाएगी।

सूत्राें के मुताबिक आरोप पत्र में वाट्स एप चैट को संलग्न किया गया है। जिससे पता चलता है कि कुछ लोग अपने गुर्गे को दंगा करने के लिए दिशा निर्देश दे रहे थे। वे लोग फोन से भी लगातार दगाईयों के संपर्क में थे। आरोपपत्र दायर करने के दौरान स्पेशल सेल ने कोर्ट में कहा कि जगह-जगह चक्का जाम करना लोकतांत्रिक अधिकार में नहीं आता है। चक्का जाम दंगे भड़काने के लिए किए गए।

इन धाराओं के तहत बनाए गए आरोपित

स्पेशल सेल ने जिन 15 के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है उन्हें हत्या, हत्या के प्रयास, देशद्रोह, धर्म के नाम पर दो समुदायों में घृणा पैदा करना, दंगा, आगजनी, लोक सेवकों से मारपीट, सरकारी व निती संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, आम्र्स एक्ट, गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम आदि 23 धाराओं में आरोपित बनाया गया है।

इनके खिलाफ दायर हुआ आरोप पत्र

इंडिया अगेंस्ट हेट के संयोजक खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, ताहिर हुसैन, गुलफिशा उर्फ गुल, सफूरा जरगर, शफ उर रहमान, आसिफ इकबाल तन्हा, शादाब अहमद, नताशा नरवाल, देवांगना कलिता, तस्लीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान व अथर खान शामिल हैं।

इनके खिलाफ बाद में दायर किया जाएगा पूरक आरोपपत्र

आरोप पत्र में स्पेशल सेल ने कहा है कि उमर खालिद, शरजील इमाम, दानिश, मोहम्मद परवेज अहमद, मोहम्मद इलियास व एक अन्य के खिलाफ बाद में पूरक आरोपपत्र दायर किया जाएगा।

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