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दिल्ली में मार्च में बारिश ने तोड़ा तीन साल का रिकॉर्ड, लगातार दूसरे दिन चली तेज हवा; तापमान 26.8 डिग्री दर्ज

Published: Thu, 19 Mar 2026 10:34 PM (IST)

दिल्ली में लगातार दूसरे दिन तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे तापमान गिरकर 26.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। यह ...और पढ़ें

बृहस्पतिवार शाम को आइटीओ के समीप हो रही वर्षा में गुजरते वाहन। चंद्र प्रकाश मिश्र

बृहस्पतिवार शाम को आइटीओ के समीप हो रही वर्षा में गुजरते वाहन। चंद्र प्रकाश मिश्र

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी राजधानी में तेज हवाओं के साथ वर्षा का दौर जारी रहा। इससे दिन का तापमान तेजी से गिरा एवं मार्च का महीना बीते तीन वर्षों में सबसे अधिक वर्षा वाला बन गया, जिसमें औसतन 9.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री कम 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस महीने का अब तक का सबसे कम तापमान है। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक 17.6 डिग्री दर्ज किया गया। वर्षा रात साढ़े आठ बजे तक 0.8 मिमी रिकाॅर्ड हुई।

लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हुई वर्षा ने कई दिनों से तल्ख गर्मी से जूझ रहे शहर को राहत दी। शहर के बेस स्टेशन सफदरजंग में गुरुवार 19 मार्च तक औसतन 9.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य मासिक औसत 12.6 मिमी है। पिछली बार मार्च में इससे अधिक वर्षा 2023 में दर्ज की गई थी, जब मासिक कुल वर्षा 50.4 मिमी थी, जो मौजूदा वर्षा की तीव्रता को रेखांकित करती है।

मौसम विभाग ने पहले दिल्ली, नोएडा, दादरी और ग्रेटर नोएडा में ओलावृष्टि, गरज के साथ मध्यम वर्षा, बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया था। अब मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए भी इसी तरह की स्थिति का पूर्वानुमान लगाया है, जिसमें दिल्ली और एनसीआर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा, गरज वाले बादल बनने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत ने बताया, 'पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू और कश्मीर के ऊपर स्थित है। यही कारण है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी वर्षा हो रही है।' उन्होंने कहा, 'इसी बीच, हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में वर्षा हो रही है।'

उन्होंने कहा कि हालांकि पहले के पूर्वानुमानों में अधिक वर्षा की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब यह प्रणाली देश के पूर्वी हिस्सों की ओर बढ़ रही है। ऐसे में हालात मौजूदा स्थिति के समान ही रहने की संभावना है। पलावत ने यह भी कहा, 'प्री-मानसून गतिविधि सामान्य से पहले ही शुरू हो गई है। आमतौर पर यह मार्च के अंत में शुरू होती है, लेकिन इस बार यह जल्दी शुरू हो गई है क्योंकि मार्च के पहले 10 दिनों में असामान्य रूप से उच्च तापमान दर्ज किया गया।

उधर, दिल्ली का एक्यूआई गुरुवार को 137 रहा, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। वर्षा और तेज हवाओं के कारण प्रदूषकों के फैलाव में सुधार हुआ है, जो एक दिन पहले दर्ज की गई 'खराब' श्रेणी से बेहतर है।

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