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दिल्ली जल बोर्ड का बड़ा कदम: 35 लाख उपभोक्ताओं का होगा ई-केवाईसी, लोगों को मिलेंगे ये फायदे

Published: Thu, 19 Mar 2026 07:43 PM (IST)

दिल्ली जल बोर्ड ने उपभोक्ताओं को गलत बिल की समस्या से निजात दिलाने के लिए 35 लाख उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी और डिजिटल डेटा अपडेट करने का अभियान शुरू किया है।

समस्या से निजात दिलाने के लिए 35 लाख उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी होगा। इमेज एआई जेनरेटेड

समस्या से निजात दिलाने के लिए 35 लाख उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी होगा। इमेज एआई जेनरेटेड

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संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। उपभोक्ताओं को विलंब से और गलत पानी का बिल मिलना बड़ी समस्या है। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी कुछ समय पहले यह स्वीकार किया था कि लगभग 60 प्रतिशत उपभोक्ताओं को सही बिल नहीं मिलता है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी होने के साथ ही दिल्ली जल बोर्ड को भी राजस्व का नुकसान होता है।

लगभग 35 लाख उपभोक्ताओं का होगा ई-केवाईसी

इसके समाधान के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने लगभग 35 लाख उपभोक्ताओं के लिए घर-घर जाकर ई-केवाईसी और डिजिटल डेटा अपडेट करने का अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।

जल मंत्री जल बोर्ड के इस अभियान को स्वीकृति दी है। इस अभियान पर 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अंतर्गत फोटो के साथ तकनीकी आधारित मीटर रीडिंग होगी। सटीकता सुनिश्चित करने के लिए जीपीएस टैगिंग और बिल वितरण का डिजिटल प्रमाण रखा जाएगा। इस पहल से बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आने के साथ ही पानी चोरी रोकने में भी मदद मिलेगी।

जल बोर्ड के कर्मचारियों को होंगे फायदे

अधिकारियों ने कहा कि वाटर मीटर में जीपीएस टैगिंग से सही बिल उपलब्ध कराने, मीटर प्रबंधन और फील्ड में कार्य करने वाले कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। मीटर रीडिंग, बिल वितरण व अन्य काम करने वाले जल बोर्ड कर्मचारियों को मीटर वाले स्थान की सही जानकारी मिलेगी।

कर्मचारी जब स्मार्टफोन या हैंडहेल्ड टैबलेट के माध्यम से मीटर की रीडिंग लेंगे तो जीपीएस टैगिंग से यह सत्यापित होगा कि वे स्वयं वहां उपस्थित थे। इससे फर्जी रीडिंग रोकने और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी। इससे मीटर की आयु, उसकी स्थिति आदि के बारे में भी सही जानकारी मिल सकेगी।

पहले होती थी समस्याएं

प्रवेश वर्मा का कहना है कि दिल्लीवासी पानी का बिल भरना चाहते हैं। समस्या तब होती है जब अचानक अत्यधिक बिल आ जाता है या मीटर काम नहीं करता है या समय पर उन्हें बिल नहीं मिलता है। इस तरह की तकनीकी त्रुटि से लोगों को परेशानी होती है।

हमारा प्रयास इन सभी कमियों को जमीनी स्तर पर दूर कर एक पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था स्थापित करना है। अगले छह महीनों में हर उपभोक्ता का डिजिटल रिकॉर्ड सत्यापित किया जाएगा, जिससे विवादों में कमी आएगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

उल्लेखनीय है कि गलत बिल के कारण पिछले कई वर्षों लगभग 15 लाख उपभोक्ताओं ने अपना बिल जमा नहीं किया है। इसके लिए बकाया बिल पर जुर्माना माफी योजना शुरू की गई है। 15 अगस्त तक बिल जमा करने वालों पूरा जुर्माना माफ होगा।

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