लवकुश रामलीला: इंफ्लूएंसर्स के जरिए एक करोड़ युवाओं तक पहुंचेगा राम का संदेश
लवकुश रामलीला इस बार 100 से अधिक इंटरनेट मीडिया इंफ्लूएंसर्स के माध्यम से एक करोड़ से अधिक जेन-जी युवाओं और ...और पढ़ें

महिला इंफ्लूएंसर्स के जरिए एक करोड़ जेन-जी तक पहुंचेगा राम का संदेश।
HighLights
लवकुश रामलीला 100+ इंफ्लूएंसर्स से एक करोड़ युवाओं तक पहुंचेगी।
जेन-जी और महिलाओं को सनातन मूल्यों से जोड़ने का प्रयास।
रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक दिल्ली में।
नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। दिल्ली की ऐतिहासिक रामलीलाएं इस बार केवल पारंपरिक मंचों तक सीमित न रहकर आधुनिक तकनीक और इंटरनेट मीडिया के सहारे युवाओं के दिलों में उतरने की तैयारी कर रही हैं। लाल किला मैदान की प्रसिद्ध लवकुश रामलीला ने जेन-जी युवाओं और महिलाओं तक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का संदेश पहुंचाने के लिए अनूठी पहल की है।
इस बार 100 प्रमुख इंटरनेट मीडिया इंफ्लूएंसर्स के जरिए देश विदेश के एक करोड़ से अधिक युवाओें तक रामलीला का सजीव प्रसारण और सनातन मूल्यों की गूंज पहुंचाई जाएगी। विशेष कि इसमें अधिकांश महिलाएं होंगी।
ये फैशन डिजाइनर, मेकअप आर्टिस्ट, फूड ब्लागर जैसे क्षेत्रों से शामिल हैं तो यूट्यूबर को भी साथ लिया गया है। जिनके इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर एक लाख से लेकर 10 लाख तक फालोअर्स हैं।
अच्छी बात यह कि ये सभी इंफ्लूएंसर्स बिना किसी शुल्क के रामलीला के मुख्य अंशों की रील्स, छोटे वीडियो और लाइव स्ट्रीमिंग अपने पेजों पर शेयर करेंगी। इस मुहिम में प्रियंका सक्सेना, निकिता आर्या, श्वेता राजपाल, पूजा दुआ, आशी बजाज, निधि नंदराजोग, अंजलि मठारु, प्रियंका सोबती, गुलफ्शा कुरेशी जैसी इंफ्यलूएंसर्स शामिल हैं।
निकिता ने कहा कि राम उनके दिल में है, यह तो रामकाज है, जिसमें वह पूरी तन्मयता से लगेंगी। रामलीला मंचन उत्सव 11 से 21 अक्टूबर तक है, इस धार्मिक उत्सव को लेकर लवकुश रामलीला ही नहीं, बल्कि नवश्री धार्मिक व धार्मिक लीला समितियों ने भी डिजिटल इंफ्लूएंसर्स को साधने की रणनीति तैयार की है। श्री धार्मिक के प्रवक्ता रवि जैन के अनुसार, रामलीला का मंचन ही मर्यादा पुरुषोत्तम का संदेश नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए होती आ रही है।
युवाओं को सनातन संस्कारों से जोड़ने की जरूरत
लवकुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा कि यह पहल केवल प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सामाजिक और सांस्कृतिक उद्देश्य भी छिपा है। हाल ही में जंतर-मंतर पर जेन-जी प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं द्वारा किए गए अभद्र आचरण और अश्लील नारेबाजी ने रामलीला समितियों को सोचने पर मजबूर कर दिया। इस घटना के बाद समितियों ने महसूस किया कि आज की युवा पीढ़ी को प्रभु राम के चरित्र, मर्यादा और सनातन संस्कृति के नैतिक मूल्यों से जोड़ना बेहद जरूरी हो गया है।
रामलीला से इंफ्लूएंसर्स को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे चैंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआइ) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को डिजिटल दुनिया के साथ-साथ प्रत्यक्ष रूप से रामलीला मैदान तक खींच लाना है, ताकि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर सनातन मूल्यों को आत्मसात कर सकें।
