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कोलकाता हादसे के बाद अलर्ट मोड पर दिल्ली, दुर्गा पूजा पंडालों की बढ़ी सुरक्षा; दमकल और एंबुलेंस की तैनाती

Published: Sun, 18 Oct 2026 08:06 PM (IST)

कोलकाता में हुई घटना के बाद दिल्ली के पंडालों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आयोजन स्थलों पर दमकल, ...और पढ़ें

मंदिरों में बढ़ी सुरक्षा, जागरण।

मंदिरों में बढ़ी सुरक्षा, जागरण।

HighLights

  1. कोलकाता हादसे के बाद दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई।

  2. रामलीला, दुर्गा पूजा पंडालों में दमकल, एंबुलेंस तैनात।

  3. भीड़ प्रबंधन, सीसीटीवी निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। लाल किले की रामलीला से लेकर दक्षिण दिल्ली के दुर्गा पूजा पंडालों और झंडेवाला मंदिर तक, कोलकाता में भगदड़ की घटना के बाद राजधानी में धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता शुरू हो गई है।

रामलीला स्थलों पर दमकल की गाड़ियों और एंबुलेंस की तैनाती की गई है, वहीं दुर्गा पूजा पंडालों में प्रवेश-निकास, सीसीटीवी निगरानी और भीड़ प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों की स्थिति एक जैसी नहीं है।

कोलकाता हादसे के बाद बढ़ी सुरक्षा

लाल किले की रामलीला सहित कुछ आयोजनों में पहले अग्निशमन विभाग की एनओसी और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। नवश्री धार्मिक और श्री धार्मिक जैसी रामलीला कमेटियों के यहां पहले दमकल व्यवस्था को लेकर चिंता के बीच बोरिंग के पानी पर निर्भरता की बात सामने आई थी।

कोलकाता हादसे के बाद अग्निशमन सुरक्षा की मांग तेज होने पर अब दमकल की गाड़ियों की तैनाती के साथ एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई गई है। रामलीला स्थलों पर सुरक्षा जांच, पुलिसकर्मियों की तैनाती और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां भी की जा रही हैं।

एंबुलेंस और दमकल की तैनाती

विशेषकर दशहरा के मद्देनजर लाल किला कि रामलीला के लिए अब दमकल की गाड़ियां तैनात की गई है। साथ ही एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई गई है। लवकुश रामलीला के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा कि दशहरा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।

अब तक स्थानीय बोरवेल से आग बुझाने का प्रबंध था, अब एहतियातन दमकल वाहन मंगा लिया गया है। इसी तरह एम्बुलेंस की संख्या भी एक से दो कर दी गई है। जबकि, दशहरा पर जन प्रबंधन के लिए मैदान में एक निश्चित प्रवेश ही रखा जाएगा।

सीसीटीवी से हो रही निगरानी

इसी तरह, पश्चिमी दिल्ली के द्वारका, जनकपुरी, विकासपुरी, महावीर एन्क्लेव और तिलक नगर में दुर्गा पूजा पंडालों में प्रवेश और निकास के अलग रास्ते, अग्निशमन उपकरण और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाई गई है और कुछ स्थानों पर महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग कतारें बनाई गई हैं।

झंडेवाला मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़

उधर, झंडेवाला मंदिर में नवरात्र के दौरान प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर में सेवादारों सहित अन्य कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, एप से समय और स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था है। एक स्लॉट में दो हजार लोगों की बुकिंग पूरी होने पर अगली बुकिंग रोक दी जाती है। अष्टमी पर शाम पांच बजे तक 85,100 और शनिवार को 1,10,880 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रवेश के लिए तीन और निकासी के लिए एक द्वार निर्धारित है।

यमुनापार में सीबीडी ग्राउंड के आसपास पांच बड़ी रामलीलाओं सहित पूर्वी दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई है। वहीं, सफदरजंग एन्क्लेव की श्रीराम धार्मिक रामलीला में दो एंबुलेंस, चिकित्सक, करीब 50 दमकलकर्मी, 60 स्वयंसेवक और लगभग 100 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। किशनगढ़ की श्री वसंत रामलीला में भी पुलिस, अर्धसैनिक बल और अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था की गई है।

सीआर पार्क और ग्रेटर कैलाश में बढ़ी सुरक्षा

मिनी बंगाल कहे जाने वाले दक्षिण दिल्ली के सीआर पार्क और ग्रेटर कैलाश में विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। दुर्गा पूजा पंडालों में लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने, भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल नियंत्रण करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है।

कोआपरेटिव ग्राउंड में आयाेजित दुर्गापूजा समिति के कोषाध्यक्ष सुभदीप देव ने बताया कि बंगाल में हुई घटना के बाद आयोजन स्थल पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। विशेष जोर भीड़ प्रबंधन पर है। प्रवेश और निकास द्वार पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही 100 से अधिक स्वयं सेवकों को लगाया गया है। यहां पर तीन प्रवेश द्वार है। तैनात कर्मियों और स्वयं सेवकों से वायरलेस सेट भी दिए गए हैं।

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