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दिल्ली में वायु प्रदूषण से जंग: 22 नई तकनीकों का होगा परीक्षण, मई तक आएगा परिणाम

Published: Mon, 06 Apr 2026 10:13 PM (IST)

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए 22 नई तकनीकों के परीक्षण की घोषणा ...और पढ़ें

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए 22 नई तकनीकों के परीक्षण की घोषणा की। इमेज एआई

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए 22 नई तकनीकों के परीक्षण की घोषणा की। इमेज एआई

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को तमाम विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। सिरसा ने कहा कि प्रदूषण से जंग में 22 और तकनीकों का परीक्षण किया जाएगा। इन परीक्षणों का डाटा मई के अंत तक तैयार हो जाएगा और जुलाई में इससे संबंधी सिफारिशें सरकार को सौंप दी जाएंगी।

सिरसा ने बताया कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए नई तकनीकों और समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए इनोवेशन चैलेंज का आयोजन किया था। इसके जरिए कम लागत और बड़े स्तर पर ऐसे उपायों को ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है जो पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे प्रदूषकों को कम कर सकें।

इस चैलेंज में 284 प्रविष्टियां आई थीं। इनमें से 48 का चुनाव दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा किया गया था। बाद में इनमें से 22 इनोवेशन को परीक्षण के लिए चुना गया है। इनमें से 13 वाहनों से जुड़े समाधान हैं।

जिनमें गाड़ियों में लगने वाले एयर फिल्टर, पीएम कलेक्टर, बीएस-चार वाहनों के लिए रेट्रोफिट एमीशन कंट्रोल डिवाइस, डस्ट कलेक्टर और भारी डीजल वाहनों के लिए आफ्टर ट्रीटमेंट सिस्टम शामिल हैं। जबकि नौ वातावरण से जुड़े समाधान हैं।

सिरसा ने बताया कि इन 22 इनोवेशन के परीक्षण के लिए सरकार हर एक पर दस लाख रुपये तक खर्च कर सकती है। ताकि, इनका सही तरीके से परीक्षण किया जा सके। इसके अलावा, सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले इनोवेटर्स को पुरस्कार भी दिया जाएगा। पहले स्थान पर आने वाले को 50 लाख, दूसरे स्थान पर 25 लाख और तीसरे स्थान पर आने वाले दस लाख रुपये दिए जाएंगे।

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि परीक्षण के उपकरण आईएसबीटी कश्मीर गेट, लाल किला मैदान, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, फायर स्टेशन, पंजाबी बाग, कीर्ति नगर और रोहिणी जैसे इलाकों में लगाया जाएगा। इन परीक्षणों की निगरानी आईआईटी दिल्ली, नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी, इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी द्वारा किया जाएगा।

मई के अंत तक डाटा एकत्रित हो जाएगा। जून में इसका मूल्यांकन करके जुलाई तक सरकार को सिफारिशें दी जाएंगी। सिरसा ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे इन परीक्षणों में पूरी तरह से सहयोग करें।

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