दिल्ली पुलिस का ‘ऑपरेशन कवच’: 48 घंटे में 3211 जगहों पर मारा छापा, 6000 से अधिक अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने संगठित अपराध और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए 48 घंटे का 'ऑपरेशन कवच' चलाया। इस अभियान ...और पढ़ें
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ऑपरेशन कवच में सभी 15 जिलों की पुलिस और क्राइम ब्रांच के अधिकारी और कर्मी शामिल थे।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली: राजधानी में संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर ऑपरेशन कवच 13.0 के तहत के तहत पूरी दिल्ली में छापेमारी कर बड़े पैमाने पर बदमाशों की धड़पकड़ की कार्रवाई की है।
सभी 15 जिले की पुलिस ने स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर संयुक्त रूप से 48 घंटे के लिए यह विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 3211 जगहों पर छापेमारी की गई और छह हजार से अधिक बदमाशों, तस्करों व अन्य को गिरफ्तार किया गया।
इस दौरान अपराध करने से रोकने के लिए संदेह के आधार पर 1374 असामाजिक तत्वों को हिरासत में लिया गया। शांति भंग करने की धारा में 5359 और दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत 41,394 लोगों को हिरासत में लिया गया। जमानत पर बाहर रहे 5691 घोषित अपराधियों की गतिविधियों की जांच की गई।
दिल्ली में 134 जगहों पर बेची जा रही थी ड्रग्स
पब्लिक प्लेस पर धूमपान करने पर 7971 का चालान किया गया, 134 'हाॅटस्पाॅट' (संवेदनशील स्थान) चिन्हित किए गए, जहां ड्रग्स बेची जा रही थी। 760 जगहों को घेरकर वहां मौजूद 843 लोगों की तलाशी ली गई।
विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच देवेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि इस तरह की संयुक्त कार्रवाई से आने वाले दिनों में हर तरह के अपराध में कुछ समय के लिए कमी आती है। काल्स की संख्या काफी कम हो जाती है। इसलिए दिल्ली पुलिस पिछले कुछ समय से इस तरह का अभियान चला रही है।
देवेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि इस तरह का अभियान बहुत ही कारगर साबित हो रहा है। पिछले तीन वर्षों में जिन 4,219 नार्को-अपराधियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे, उनकी भी जांच की गई। जिनमें 1,494 अपने घरों में मौजूद पाए गए, 352 न्यायिक हिरासत में और 14 फरार पाए गए। शेष सत्यापन जारी है।
72 विदेशी नागरिकों की जांच की
72 विदेशी नागरिकों की जांच की गई, उनमें से एक के खिलाफ डेपुटेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है। भारत सरकार ड्रग्स के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति का सख्ती से पालन कर रही है। उसी कड़ी में पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के निर्देश पर यह आपरेशन चलाया गया।
इसके तहत सभी 15 जिलों के सभी थानों से 1042 पुलिस टीमों का गठन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य सप्लाई करने वालों नशा तस्करों पर लक्षित कार्रवाई करना था। यह संयुक्त अभियान दिल्ली पुलिस का नशे का कारोबार करने वालों से लड़ने और युवाओं को बचाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण कदम है।
इस साल 15 मार्च तक दिल्ली पुलिस ने 294 एनडीपीएस मामलों में 382 नार्को अपराधियों को गिरफ्तार किया है, उनके कब्जे से 8.73 किलो हेरोइन 573.9 किलो गांजा, 6.8 किलो अफीम, 21 किलो चरस, 30 किलो डोडा पो, 52 किलो डोडा चूरा, 42.9 किलो अल्प्राजोलम पाउडर, 2.5 किलो ट्रामाडोल पाउडर और 12 लीटर कोडीन सीरप बरामद किए गए।
क्या है ऑपरेशन कवच ?
मई 2023 में पूरी दिल्ली में ऑपरेशन कवच नाम से संयुक्त और व्यापक ऑपरेशन शुरू किया गया था। इसका मकसद उन लोगों की पहचान करना और उन्हें पकड़ना है जो ड्रग्स सप्लाई में शामिल थे। ऑपरेशन के दौरान यह तय किया गया कि सड़क-स्तर के छोटे और बड़े दोनों तस्करों को दबोचा जाए।
साथ ही ड्रग्स तस्करी को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए 'टाॅप-टू-बाॅटम' और 'बाॅटम-टू-टाॅप' दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया जाए, ताकि तस्करी के आगे और पीछे के नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अब तक, 'कवच' के तहत कुल 12 ऑपरेशन चलाए जा चुके हैं।
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