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दिल्ली पुलिस का संकल्प: ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक', झुग्गी-झोपड़ियों में छिपे पैडलर्स से होगी शुरुआत

By Agency PTIEdited By: Neeraj Tiwari
Published: Thu, 26 Feb 2026 05:46 PM (IST)

दिल्ली पुलिस प्रमुख ने राजधानी को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है, खासकर झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों पर ध्यान केंद्रित करते ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस प्रमुख ने राष्ट्रीय राजधानी को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें विशेष रूप से जेजे क्लस्टरों (झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों) में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने पर जोर दिया जा रहा है। दरअसल, यह स्थान नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

जनवरी 2026 में अयोजित अपराध समीक्षा बैठक में दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने स्पष्ट किया कि वर्ष के लिए बल की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक नशे की समस्या को समाप्त करना होगा। गोलछा ने सभी उपायुक्तों (डीसीपी) को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाली झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति और सेवन को समाप्त करने के लिए विस्तृत कार्य योजनाएं प्रस्तुत करें। 

अधिकारी ने कहा, "आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हमें नशे को हमारे युवाओं का भविष्य बर्बाद नहीं करने देना चाहिए। जेजे क्लस्टर विशेष रूप से संवेदनशील हैं और इनमें केंद्रित हस्तक्षेप की आवश्यकता है।"

अधिकारी के अनुसार, डीसीपी को इन क्षेत्रों में सक्रिय ड्रग डीलरों और तस्करों की पहचान करने तथा उनकी आपराधिक स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है—चाहे वे गिरफ्तार हो चुके हों, जमानत पर हों या फरार हों। जहां कानूनी रूप से संभव हो, वहां निष्कासन कार्यवाही और नशीले पदार्थों और मनो-सक्रिय पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम (पीआईटीएनडीपीएस) अधिनियम, 1988 के तहत निवारक निरोध जैसे कदमों पर विचार किया जा रहा है।

अधिकारी ने कहा, "जोर केवल सड़क स्तर के तस्करों को गिरफ्तार करने पर नहीं है। हमें निर्देश दिए गए हैं कि पूरी आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ा जाए—स्रोत से लेकर वितरण नेटवर्क तक, दोनों पिछड़े और आगे के संबंधों पर काम करके।"

पुलिस इकाइयों को विशेष एंटी-नारकोटिक्स टीमों के साथ निकट समन्वय करने तथा चिह्नित हॉटस्पॉट्स में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डेटा विश्लेषण, मुखबिर नेटवर्क और तकनीकी खुफिया जानकारी का उपयोग दोहराव वाले अपराधियों तथा अंतरराज्यीय आपूर्तिकर्ताओं को ट्रैक करने के लिए किया जा रहा है।

प्रवर्तन उपायों के अलावा, आयुक्त ने निवारक पहुंच पर जोर दिया है। जिलों को जेजे क्लस्टरों, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में जागरूकता अभियान आयोजित करने को कहा गया है ताकि किशोरों और युवा वयस्कों को नशीले पदार्थों के हानिकारक प्रभावों के बारे में संवेदनशील बनाया जा सके। अधिकारी ने कहा, "हमारा दृष्टिकोण दोहरा है—तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लत को रोकने के लिए निरंतर सामुदायिक जुड़ाव। अंतिम लक्ष्य दिल्ली को नशा मुक्त बनाना है।"

बता दें कि 16 फरवरी को बल के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस प्रमुख ने कहा था कि वर्ष 2025 में दिल्ली पुलिस ने 6,144 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए और ड्रग तस्करी से जुड़ी 44 संपत्तियों को जब्त किया। इनमें से 29 संपत्तियों को उचित कानूनी प्रक्रिया के बाद ध्वस्त किया गया।

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